पहली कमाई के बारे में पूछे जाने पर शाहरुख ने बताया कि पंकज उदास का कोई शो था, जिससे 50 रुपये मिले थे। उससे हम तीन दोस्तों ने ताजमहल देखा। गुलाबी रंग की लस्सी पी। मेरी लस्सी में मक्खी भी आ गई थी, उसे भी पी गया, क्योंकि लस्सी बर्बाद नहीं कर सकता था। बाद में वो लस्सी पेट से बाहर भी आ गई। लेकिन इस सैलरी ने सीख दी कि पैसा कितना भी कमाएं, जरूरत भर का कमाएं, या उससे कहीं ज्यादा। 50 प्रतिशत अच्छा होता है, 50 प्रतिशत बुरा भी हो सकता है। शाहरुख ने कहा कि इस जमाने में पैसा भी बहुत मायने रखता है, लेकिन युवाओं को चाहिये कि हार्ड वर्क करो, ईमान का खूब पैसा कमाओ। रईस बनिये, अमीरी दिखाने का या अमीर बनने का जरूरत नहीं।
फौजी, सर्कस के बीच फिल्मों को साइन करने पर बात करते हुए शाहरुख ने कहा कि मैं सिर्फ काम करना चाहता था, रोल ग्रे शेड या हीरो वाले इससे मतलब नहीं था। प्रोड्यूसर की निगाह में शुरुआत का शाहरुख अगली सा था, जिसे वो कहीं भी फिट कर सकते थे। ऐसे में कुछ किस्मत भी बुलंद थी कि कुछ अभिनेताओं की छोड़ी मूवी के सारे आफर मेरे पास ही आ गए, जिन्हें एक ही दिन में साइन की। डर, बाजीगर की, क्योंकि काम करना था, अच्छा या बुरा नहीं सोचता था। लेकिन जब डीडीएलजे की बात हुई तो लड़कियां देख कर शर्माने वाला ये शाहरुख घबरा गया। तब यश अंकल ने समझाया कि बिना लव स्टोरी मूवी किए लीजेंड नहीं बन सकते। मूवी की स्टारकास्ट के अलावा मूवी के प्रीमियर पर सिर्फ सलमान खान ने कहा था कि ये हिट है, जबकि दोस्तों को खास पसंद नहीं आई।
कार्यक्रम में कुछ देरी से आए शाहरुख के आने पर फैंस ने उनका स्वागत अपने ही अंदाज में किया तो रिस्पांस में समय-समय पर शाहरुख ने भी फिल्मों के संवाद सुनाए। कुछ हिट डांस स्टेप्स भी दिखाए, लेकिन एक पल फैंस पर गुस्सा भी हुए जब पीछे बैठे लोग बोर-बोर चिल्लाने लगे। शाहरुख ने सबको कहा कि मैं यहां बात करने के लिए आया हूं, नाचने के लिए नहीं। जिसे मजा लेना हो वो बार में जाए। जाते-जाते उन्होंने जबरा फैन गीत पर डांस कर लोगों का मन रखा। शाहरुख को देखने और सुनने के लिए तमाम लोग जुटे।