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बचपन में रामलीला में बंदर का किरदार किया करता था : शाहरुख खान

Sun, 16 Dec 2018 01:02 AM IST
MANISH sachan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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कार्यक्रम में शाहरुख खान
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दिल्ली में फैमिली के साथ दिन बीते। मैं बचपन में रामलीलाओं में किरदार किया करता था वानर सेना के बंदर का। वो भी इसलिए कि युद्ध के बाद खूब सारे केले खाने को मिलते थे। उस समय मेरा पहला ऑन स्टेज डायलॉग था ‘सियावर रामचंद्र की जय’ में सिर्फ जय बोलने का। 

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उस पहले डायलॉग जय के बाद आज ‘जीरो’ तक ऑन स्क्रीन ही नहीं ऑफ स्क्रीन सीखने का दौर जारी है। दिन भर काम में खुद को बिजी रखता हूं, काम से मोहब्बत है। 19-20 घंटे जगता हूं, 4-5 घंटे ही सोता हूं। फिल्म इंडस्ट्री में पहला डायलॉग आज से 27 साल पहले 26 जून को बोला तब से लगातार बस अच्छा काम करने की कोशिश के साथ चला आ रहा हूं, ताकि आपका प्यार जीत सकूं।

लंबे अरसे बाद प्रमोशनल टूर के तहत शहर पहुंचे बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान शनिवार रात राजधानी पहुंचे तो करीब सवा घंटे तक चाहने वालों संग जिंदगी के सफर पर इसी अंदाज में रूबरू हुए। फैजाबाद रोड स्थित एक क्लब के निजी आयोजन में पहुंचे किंग खान ने एंकर साइरस के साथ कई मुद्दों पर दिल खोलकर बातचीत की।
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देश के लिए हॉकी खेलना चाहता था, चोट ने हीरो बना दिया
शाहरुख खान ने बताया कि पापा की तरह स्पोर्ट्स मैन बनना चाहता था, देश के लिए हॉकी खेलने की इच्छा थी, लेकिन कमर में चोट के चलते वो सपना टूट गया, लेकिन जब एक राह बंद हुई तो दूसरी खुली। एक्टिंग में खुद को आजमाया और किस्मत ने आज यहां तक पहुंचा दिया। मौजूद फैंस को सीख दी कि अगर कोई दूसरे मोड़ पर जिंदगी डाल दे तो जरूरी नहीं कि उसे छोड़ ही दिया जाए हो सकता है कि कहीं बेहतर जगह ले जा रही हो।

एक सवाल के जवाब में कहा कि एक्टिंग से पहले हिंदी थोड़ी टूटी फूटी थी, मां ने अच्छे नंबर लाने का लालच दिया। देवानंद साहब की पहली मूवी देखी, उसके बाद से फिल्मों ने मन खींच लिया। बातचीत के दौरान भावुक हुए शाहरुख ने कहा कि रंगमंच के दोस्तों को कहकर मुंबई आया था कि जल्द ही वापिस आऊंगा। शहर ने आने ही नहीं दिया। वो आज भी इंतजार रहते हैं, कहते हैं कि तू तो गया तो आया ही नहीं।

पहली सैलरी थी 50 रुपये, ताजमहल देखा और गुलाबी लस्सी पी

पहली कमाई के बारे में पूछे जाने पर शाहरुख ने बताया कि पंकज उदास का कोई शो था, जिससे 50 रुपये मिले थे। उससे हम तीन दोस्तों ने ताजमहल देखा। गुलाबी रंग की लस्सी पी। मेरी लस्सी में मक्खी भी आ गई थी, उसे भी पी गया, क्योंकि लस्सी बर्बाद नहीं कर सकता था। बाद में वो लस्सी पेट से बाहर भी आ गई। लेकिन इस सैलरी ने सीख दी कि पैसा कितना भी कमाएं, जरूरत भर का कमाएं, या उससे कहीं ज्यादा। 50 प्रतिशत अच्छा होता है, 50 प्रतिशत बुरा भी हो सकता है। शाहरुख ने कहा कि इस जमाने में पैसा भी बहुत मायने रखता है, लेकिन युवाओं को चाहिये कि हार्ड वर्क करो, ईमान का खूब पैसा कमाओ। रईस बनिये, अमीरी दिखाने का या अमीर बनने का जरूरत नहीं।

एक ही दिन में साइन की थी कई सारी मूवी

फौजी, सर्कस के बीच फिल्मों को साइन करने पर बात करते हुए शाहरुख ने कहा कि मैं सिर्फ काम करना चाहता था, रोल ग्रे शेड या हीरो वाले इससे मतलब नहीं था। प्रोड्यूसर की निगाह में शुरुआत का शाहरुख अगली सा था, जिसे वो कहीं भी फिट कर सकते थे। ऐसे में कुछ किस्मत भी बुलंद थी कि कुछ अभिनेताओं की छोड़ी मूवी के सारे आफर मेरे पास ही आ गए, जिन्हें एक ही दिन में साइन की। डर, बाजीगर की, क्योंकि काम करना था, अच्छा या बुरा नहीं सोचता था। लेकिन जब डीडीएलजे की बात हुई तो लड़कियां देख कर शर्माने वाला ये शाहरुख घबरा गया। तब यश अंकल ने समझाया कि बिना लव स्टोरी मूवी किए लीजेंड नहीं बन सकते। मूवी की स्टारकास्ट के अलावा मूवी के प्रीमियर पर सिर्फ सलमान खान ने कहा था कि ये हिट है, जबकि दोस्तों को खास पसंद नहीं आई।
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जो बोर हो रहे हैं, उन्हें मजा लेना हो तो बार में जाएं

कार्यक्रम में कुछ देरी से आए शाहरुख के आने पर फैंस ने उनका स्वागत अपने ही अंदाज में किया तो रिस्पांस में समय-समय पर शाहरुख ने भी फिल्मों के संवाद सुनाए। कुछ हिट डांस स्टेप्स भी दिखाए, लेकिन एक पल फैंस पर गुस्सा भी हुए जब पीछे बैठे लोग बोर-बोर चिल्लाने लगे। शाहरुख ने सबको कहा कि मैं यहां बात करने के लिए आया हूं, नाचने के लिए नहीं। जिसे मजा लेना हो वो बार में जाए। जाते-जाते उन्होंने जबरा फैन गीत पर डांस कर लोगों का मन रखा। शाहरुख को देखने और सुनने के लिए तमाम लोग जुटे। 
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