प्रदेश के लोकायुक्त ने शुक्रवार को राज्यपाल राम नाईक से मिलकर उन्हें 2018 की वार्षिक रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के मुताबिक बीते साल 28 शिकायतों की जांच में पूर्व मंत्री, राजनीतिक नेताओं व नौकरशाहों को दोषी ठहराते हुए सरकार को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है।
22 मामले सक्षम अधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेजे गए हैं। हालांकि सरकार व शासन को जिन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की सिफारिश की गई है उनके नाम का खुलासा नहीं किया गया है।
लोकायुक्त संगठन के मुख्य अन्वेषण अधिकारी व सचिव ने पत्रकार वार्ता में बताया कि पिछले साल कुल 3915 शिकायतें आई थीं। 882 मामले पहले के लंबित थे।
इस तरह कुल 4797 मामलों में से 3564 परिवादों का निपटारा किया गया। इसमें प्रारंभिक स्तर पर 3169 व जांच के बाद 395 परिवादों का निस्तारण किया गया। 31 दिसंबर तक कुल 1233 परिवाद लंबित रह गए थे, जिन पर कार्यवाही की जा रही है।