मनरेगा योजना के तहत कुशीनगर में पुल निर्माण में हुई धांधली मामले में सीबीआई 7 आईएएस अफसरों समेत बीस से अधिक अधिकारियों से पूछताछ कर सकती है।
इसके लिए सीबीआई अफसरों की भूमिका की जांच कर रही है। सीबीआई के अफसरों के मुताबिक वर्ष 2007 से 2010 के दौरान कुशीनगर में 7 जिलाधिकारी तैनात रहे।
इसके अलावा सीडीओ व अन्य अधिकारियों की भी तैनाती रही। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि पुल निर्माण कार्य के दौरान उनकी क्या भूमिका रही। यह पुल बनने के महज छह महीने में गिर गया था।
सीबीआई इन अफसरों से यह जानने की कोशिश करेगी कि कि पुल के घटिया निर्माण को लेकर उन्होंने कोई आपत्ति क्यों नहीं की। किसी के दबाव में चुप रहे या वह भी मिलीभगत में शामिल थे।
इसी को पक्का करने के लिए सीबीआई पुल की निर्माण सामग्री मुहैया कराने वाले सप्लायर और ठेकेदार से भी पूछताछ करने का फैसला किया है।
सूत्रों का कहना है कि पूछताछ की प्रक्रिया के साथ ही तमाम अफसरों की असलियत सामने आ सकती है। कुशीनगर में पुल निर्माण में हुई धांधली की जांच करने के मामले में सीबीआई ने पिछले दिनों ही चार जिलों में 19 जगह छापामारी की थी।