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20 दिन में सात मौतों से हड़कंप: गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की जांच, गंभीर बीमारियां थीं वजह

Tue, 02 Apr 2024 02:47 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, सलोन (रायबरेली)

सार

रायबरेली के एक गांव में सात दिन में 20 मौतें होने से हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की। बताया कि सभी मौतें स्वाभाविक हुई हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रायबरेली के सलोन क्षेत्र के दांडी व पूरे जुड़ावन मजरे ममुनी गांव में करीब 20 दिन में सात लोगों की मौत के मामले की जांच करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम गांव पहुंची। अपर निदेशक (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) डॉ. जीपी गुप्ता ने एक-एक करके मौतों के कारणों को खंगाला।

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उनका दावा है कि मरने वाले सभी बुजुर्ग हैं। जांच में मौत के कारणों में लीवर, हॉर्ट, दमा, क्षयरोग, खून का न बनना मिला है। ऐसे में सभी मौतें स्वाभाविक होने का दावा किया गया है। उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर लोगों की सेहत जांची। 90 वर्ष की एक वृद्धा को सांस की समस्या होने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया।

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सलोन कोतवाली क्षेत्र के ममुनी ग्राम पंचायत के दांडी और जुड़ावन का पुरवा गांव में पहली मौत बीती आठ मार्च को जगदीश मौर्या के रूप में हुई थी। इसके बाद एक-एक करके सात लोगों की मौत हो गई। मरने वाले सभी पांच लोग एक ही खानदान के थे। संदिग्ध हालत में मौत की खबर पर सोमवार को अपर निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता, सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह टीम के साथ गांव पहुंचे। टीम ने मृतकों के परिवार के लोगों से मरने के कारणों व बीमारियों के संबंध में जानकारी ली।

अपर निदेशक ने लोगों से बीमारियों के इलाज से संबंधित परचे भी मंगवाकर चेक किए। दावा है कि सभी लोगों की मौत विभिन्न गंभीर बीमारियों के चपेट में आने के कारण हुई। कई बुजुर्गों ने तो इलाज तक नहीं कराया।
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किन कारणों ने किस बुजुर्ग की हुई मौत
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक जगदीश को ब्लड प्रेशर की शिकायत थी। आठ मार्च को उसे हार्ट अटैक आया था। ठाकुरदीन का लीवर काफी डैमेज हो गया था। जांच में पाया गया कि इलाज कराने में लापरवाही बरती गई, जिसके चलते मौत हो गई। रामेश्वर को करीब 20 साल से टीबी की समस्या थी। फेफड़े बेकार हो चुके थे। ठीक से उपचार न कराने पर सेप्टीसीमिया से मौत हो गई। शिव बहादुर को सांस और राम नारायण में खून की कमी थी। इन बुजुर्गों का भी ठीक से उपचार नहीं कराया गया। इसी कारण मौत हो गई। पूरे जुड़ावन गांव में दो व्यक्तियों की मौत स्वाभाविक हुई है।

अपर निदेशक (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) डॉ. जीपी गुप्ता का कहना है कि सलोन ब्लॉक के दांडी व पूरे जुड़ावन गांवों में जांच में कोई भी रहस्यमय बीमारी नहीं मिली। सभी सात मौतें स्वाभाविक हैं। मामले की जांच की गई। सभी बुजुर्ग किसी न किसी बीमारी से ग्रसित थे। सीएमओ को गांवों में दोबारा टीमें भेजकर सभी लोगों की सेहत की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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