बाराबंकी में मेंथा व्यापारी सचिन जैन के घर से दिनदहाड़े करोड़ों की नकदी व एक किलो से अधिक के जेवर लूटने वाले पांच बदमाशों के साथ दो महिलाओं को एसटीएफ व पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।
इनके पास से एक करोड़ 18 लाख पचास हजार रुपये नकद व आधा किलो जेवर बरामद हुआ है। एसटीएफ के अनुसार अभी एक और अभियुक्त की गिरफ्तारी होनी है। इसके पास लूट के करीब 50 लाख रुपये हैं।
बता दें कुछ दिनों पहले ही इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से लूटी गई रकम में से 41 लाख रुपये बरामद हुए थे।
बाराबंकी के इस सनसनीखेज लूट कांड के खुलासे की जानकारी देते हुए एडीजी कानून-व्यवस्था दलजीत चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में एक बर्खास्त पुलिसकर्मी ठाकुर उर्फ रामनरेश के अलावा बमरौली लखनऊ निवासी नरेश, बड्डूपुर बाराबंकी निवासी पिंटू उर्फ राम प्रसाद, सीतापुर निवासी रमेश और कुर्सी बाराबंकी निवासी मुनीम शामिल हैं।
दो पत्नियों को भी किया गया गिरफ्तार
इसके अलावा नरेश की दो पत्नियों सुमन व मंजृ को भी गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि छह फरवरी को हुई इस लूट का अब पूरी तरह खुलासा हो चुका है।
बर्खास्त पुलिसकर्मी था मददगार
एडीजी ने बताया कि लुटेरों की तलाश में एसटीएफ के एएसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी की टीम को लगाया गया था। पूर्व में गिरफ्तार चार बदमाशों से मिली जानकारी से एसटीएफ को पता चला कि गिरोह के दो सदस्य पिंटू व रामनरेश को ठाकुर नाम का कोई व्यक्ति मदद कर रहा है और ठाकुर भागे बदमाशों के संपर्क में है।
इसी जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने शुक्रवार सुबह नौ बजे प्रतापगढ़ के रानीगंज के रहने वाले ठाकुर उर्फ रामनरेश को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से लूट के सात लाख रुपये बरामद हुए। यूपी पुलिस से बर्खास्त ठाकुर ने बताया कि उसने आशियाना में किराए पर मकान ले रखा है। इसी में पिंटू उर्फ राम प्रसाद व नरेश को परिवार सहित रुकवाया है।
इस सूचना पर एसटीएफ ने आशियाना के इस मकान से नरेश व उसकी दो पत्नियों मंजू और सुमन के साथ पिंटू को दबोच लिया। पिंटू के पास से 42 लाख, नरेश के पास 40 लाख व दोनों महिलाओं के पास से दो-दो लाख रुपये बरामद हुए। इसके अलावा एक लैपटॉप भी बरामद मिला है, जिसे उन्होंने लूटी गई रकम से खरीदा था। इसे वे फिल्म देखने के लिए इस्तेमाल करते थे।
जमीन के नीचे दबा दिए 21 लाख रुपये व जेवर
पूर्व में गिरफ्तार आरोपी ने दी थी घर में कैश होने की जानकारी
पिंटू व नरेश ने स्वीकार किया है कि कुछ अरसा पहले एसटीएफ के चंगुल में आए संजय वर्मा ने जानकारी दी थी कि मेंथा व्यापारी के आवास में शनिवार को डेढ़ से दो करोड़ रुपये रहते हैं, क्योंकि शनिवार, रविवार और सोमवार के भुगतान के लिए रुपये शुक्रवार को ही निकाल लिए जाते हैं। इस जानकारी के आधार पर ही उन लोगों ने डकैती डाली थी।
बाराबंकी बस अड्डे पकड़ा गया एक आरोपी
इनसे मिली जानकारी के आधार पर एसटीएफ की एक टीम ने उनके साथी रमेश को बाराबंकी में बस अड्डे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने लूट के 21 लाख रुपये व कुछ जेवर मिले हैं, जो उसने अपने ससुराल जरेली में जमीन में दबा दिए हैं।
एसटीएफ व बाराबंकी पुलिस की टीम उसे जरेली ले गई जहां उसने एक खाकी लिफाफे में जमीन में गाड़ी गई यह रकम और जेवर बरामद कर लिया।
महिलाओं को बंधक बनाकर की थी वारदात
इस घटना में बदमाशों ने घर की महिलाओं को बंधक बनाकर वहां रखे दो करोड़ 20 लाख रुपये व एक किलो से अधिक के सोने व कुछ चांदी के आभूषण लूट लिए थे। इसमें से शुक्रवार को एक करोड़ 18 लाख 50 हजार रुपये व आधा किलो से अधिक के जेवर बरामद कर लिए गए।
डीजीपी ने की 50 हजार के इनाम की घोषणा
इस कामयाबी को हासिल करने वाली एसटीएफ व बाराबंकी पुलिस की टीम को डीजीपी जावीद अहमद ने 50 हजार का इनाम व कमेंडेशन डिस्क देने की घोषणा की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से आग्रह किया है कि वे भी अपने स्तर से इन पुलिसकर्मियों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाएं।
पूर्व में हो चुके हैं दो लुटेरे व दो मुखबिर गिरफ्तार
बाराबंकी में मेंथा व्यापारी के घर पर दिन दहाड़े सनसनीखेज लूट करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को कुछ दिनों पहले गिरफ्तार करा जा चुका है। गिरफ्तार लोगों में से दो मुखबिर थे और दो लूट की वारदात को अंजाम देने वाले। पुलिस ने इनके पास लूट की 41 लाख नकद व बोलेरो बरामद की थी।