सूबे में आम लोगों पर महंगाई की एक और मार पड़ सकती है। राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 5 रुपये तक उपकर लगाने की तैयारी में है।
उपकर लगाने का रास्ता साफ करने के लिए कैबिनेट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर संशोधन द्वितीय अध्यादेश 2014 के मसौदे को मंजूरी दे दी।
अध्यादेश जारी होते ही वैट अधिनियम में संशोधन प्रभावी हो जाएगा। हालांकि राज्य सरकार इससे संबंधित विधेयक को विधानमंडल के पिछले सत्र में पास कराने में सफल नहीं हो पाई थी।
2008 से अधिनियम लागू
सूबे में वर्ष 2008 से वैट अधिनियम लागू है। सरकार इसमें संशोधन की जरूरत महसूस कर रही है ताकि भविष्य में उसे उपकर लगाने का अधिकार मिल जाए।
लिहाजा सरकार मूल अधिनियम में नई धारा ‘3 ख’ जोड़ते हुए उपकर का प्रावधान करने के लिए अध्यादेश लाने जा रही है।
इसके साथ ही एक और नई धारा ‘8 क’ को जोड़ा जा रहा है। इसमें प्रमाण पत्र या घोषणा पत्र के गलत इस्तेमाल के रोकथाम का प्रावधान किया गया है।
व्यापारियों को मिलेगा मौका
इस धारा के तहत देय राशि के संबंध में इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा नहीं किया जा सकेगा।
व्यापारियों को कर में छूट देने, रियायती कर जमा करने वाले फॉर्म का दुरुपयोग रोकने, क्षति निर्धारण, वसूली प्रावधान में संशोधन करने की व्यवस्था अधिनियम में की गई है।
वहीं 50 लाख रुपये तक सालाना कारोबार करने वाले व्यापारियों से 10 प्रतिशत टैक्स लेने, कार्रवाई से पहले व्यापारियों को अपना पक्ष रखने का मौका देने का भी प्रावधान किया गया है।