खाकी को दागदार करने वाला पूर्व सांसद का करीबी सिपाही आलोक सिंह बर्खास्त
राजधानी में खाकी को दागदार करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एसएसपी कलानिधि नैथानी ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह के करीबी सिपाही आलोक सिंह को बर्खास्त कर दिया।
आलोक सिंह और धनंजय सिंह पर हाल ही में हजरतगंज इलाके में मुख्तार अंसारी के प्रतिनिधियों पर जानलेवा हमले के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
इस घटना के बाद से आलोक सिंह पर पुलिस के आला अधिकारियों से लेकर शासन तक की नजरें थीं।
उधर, रसूखदार और करोड़पति सिपाही के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। एसएसपी ने कई और दागी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
नाका के मोतीनगर में रहने वाले बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह का नाम वर्ष 2006 में जेल रोड पर सोना लूटकांड में आया था।
उक्त वारदात में आलोक के अलावा सिपाही सुशील पचौरी और दो कमांडो भी शामिल बताए गए थे।
जांच के बाद आलोक और सुशील को उत्तर प्रदेश पुलिस की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। हालांकि, बाद में कोर्ट ने उसे राहत देते हुए बहाल करने का आदेश दिया था।
फिलवक्त आलोक सिंह कोर्ट के आदेश पर नौकरी कर रहा था। इस बीच आलोक सिंह का नाम नाका में व्यापारी से पांच लाख रुपये की लूट समेत कई वारदातें में आया।
तत्कालीन अधिकारियों ने उसे लाइन हाजिर कर दिया था। लाइन में रहने के दौरान ही आलोक सिंह ने जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह से नजदीकियां बढ़ा लीं।
धीरे-धीरे वह पूर्व सांसद का खास आदमी बन गया और रीयल एस्टेट कारोबार व अन्य धंधों से करोड़ों रुपये कमाए।
हजरतगंज में 30 जुलाई की शाम मिराज लाउंज के पास विधायक मुख्तार अंसारी के प्रतिनिधि वजीरगंज के बुलंदबाग निवासी सैय्यद अली मोहम्मद जाफरी उर्फ शाहिद व उसके भाई सैय्यद नामवर असगरी जाफरी पर हुए कातिलाना हमले में भी पूर्व सांसद धनंजय के साथ आलोक सिंह का नाम आया था।
शाहिद ने दोनों पर शक जताते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी मामले में आलोक सिंह का नाम सरकार और अफसरों की निगाह में चढ़ गया व उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।
20 साल से लापता सिपाही समेत कई पर लटकी कार्रवाई की तलवार
राजधानी में एक सिपाही ऐसा भी है जो 20 साल से ड्यूटी से नदारद चल रहा है। वर्दी को बदनाम करने वाले कुछ और भी पुलिसकर्मी हैं जिन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ऐसे सभी सिपाहियों की सूची तैयार कर ली गई है। उक्त पुलिसकर्मियों पर कभी भी गाज गिर सकती है।
जुटाया जा रहा सिपाही की संपत्तियों का ब्यौरा
पुलिस सूत्रों ने बताया कि बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह के पास बेशुमार चल-अचल संपत्तियां हैं। आला अधिकारियों ने उसकी संपत्तियों का ब्यौरा जुटाने के निर्देश दिए हैं। आलोक सिंह के नाम कितने मकान व प्लाट हैं? कितनी संपत्तियां उसके परिवारीजनों के नाम पर हैं? उक्त संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के लिए रुपया कहां से आया? यह जानकारी जुटाने के लिए आयकर विभाग से भी मदद मांगी गई है।