केजीएमयू, ट्रॉमा सेंटर के कैजुअल्टी में अब 24 घंटे सर्जरी और मेडिसिन विभाग के सीनियर रेजीडेंट मिलेंगे। केजीएमयू प्रशासन ने ये फैसला गंभीर रोगियों के हित को देखते हुए किया है।
मंगलवार को केजीएमयू मे अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बाद ये फैसला किया गया। केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में सर्जरी और मेडिसिन के गंभीर रोगी हर समय पहुंचते रहते हैं।
ऐसे रोगियों को डॉक्टरी सलाह लेने में समय लग जाता है। इस वजह से रोगियों को गोल्डन ऑवर ट्रीटमेंट में देरी हो जाती है। इसे देखते हुए बुधवार से कैजुअल्टी में सर्जरी और मेडिसिन का एक-एक सीनियर रेजीडेंट को तैनात किया गया है। ये रेजीडेंट कैजुअल्टी में पहुंचने वाले मरीजों की जांच कर मेडिकल रिपोर्ट कार्ड में उसकी स्थिति लिखेंगे।
सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए शहर में और भी प्रयास हो रहे हैं। डेंगू से निपटने के लिए शहर के अस्पतालों के साथ नगर निगम भी मुस्तैद हो गया है। डेंगू के मच्छरों शहर में फैलने से रोकने के लिए नगर निगम ने फॉगिंग शुरू कर दी है। मंगलवार को नगर आयुक्त उदयराज सिंह ने जोन-2 के लिए 22 मशीनें रवाना कीं।
जोनल अधिकारी-2 संजय मगमई ने बताया कि जोन-2 के 18 वार्ड में एक साथ फॉगिंग कराई गई। जोन-2 में रोस्टर के मुताबिक, फॉगिंग दोपहर में 18 वार्डों में कराई गई। अपर नगर आयुक्त विशाल भारद्वाज का कहना है कि किसी इलाके में फॉगिंग नहीं हो तो वह कंट्रोल रूम पर शिकायत कर सकता है।
दिमागी बुखार-डेंगू से अस्पतालों की बुरी हालत
राजधानी के तीनों बडे़ अस्पताल प्रदेश भर से आए मरीजों से फुल हो गए हैं। अस्पतालों में उनकी क्षमता से ज्यादा मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है। सोमवार रात करीब 12 बजे के बाद भीड़ कुछ इस कदर बढ़ी कि सिविल अस्पताल और लोहिया अस्पताल में बेड फुल होने के बाद भर्ती रोक दी गई थी।
हालांकि बाद में कुछ मरीजों को शिफ्ट कर भर्ती शुरू हुई लेकिन मरीजों के आने का सिलसिला अब भी जारी है। शहर से लेकर दूसरे कोने में फैला दिमागी बुखार, मेननजाइटिस, जापानी इंसेफलाइटिस, और डायरिया से पीड़ित मरीजों की भीड़ से इलाज की व्यवस्था पटरी से उतर गई है।
इधर डेंगू के मरीजों के मिलने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। मंगलवार को चार नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई और आंकड़ा 45 के पार पहुंच गया है। शहर के सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू से पीड़ित 30 से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है। बलरामपुर अस्पताल में भर्ती दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। डेंगू वार्ड में कैसरबाग के मनोज (41) और सुल्तानपुर के अजीत (32) को भर्ती कराया गया है।
इसी तरह लोहिया अस्पताल में विनयखंड के अंकुर (18) और मानस (26) में कार्ड टेस्ट में डेंगू की पुष्टि हुई। वहीं गोमतीनगर के एक मिशनरी अस्पताल में दो मरीजों का डेंगू का इलाज चल रहा है। बलरामपुर और लोहिया अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों का सैंपल जांच के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय भेज दिया गया है।
लोहिया अस्पताल में छह बेड का डेंगू वार्ड फुल चल रहा है। जबकि बलरामपुर अस्पताल में 25 बेड के डेंगू वार्ड में कोई जगह नहीं है। वहीं सीएमओ एसएनएस यादव का कहना है किशहर में हालात पूरी तरह सामान्य हैं।
आंकड़ों का हवाला देते हुए सीएमओ ने बताया कि जनवरी से लेकर अब तक कुल 14 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है लेकिन एक की मौत का मामला सामने नहीं आया है। जेई के दो और एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम के दो मामले सामने आए हैं।