राजधानी में डिप्रेशन बुजुर्गों की जिंदगी के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। हाल की घटनाओं के बीच केजीएमयू की एक रिपोर्ट में डॉक्टरों ने माना है कि बुजुर्ग डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं।
वहीं हाइपरटेंशन सबसे ज्यादा मुसीबत बन रहा है। डिप्रेशन की समस्या ओल्ड एज होम में रहने वाले बुजुर्गों में ज्यादा है। हालांकि, घरों में रहने वाले बुजुर्ग भी इससे बच नहीं पा रहे हैं।
अकेले रहने वाले बुजुर्गों में से 30 प्रतिशत डिप्रेशन के शिकार हैं। केजीएमयू के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, जेरियाट्रिक मेंटल विभाग और हिन्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज बाराबंकी की इस स्टडी में ओल्ड एज होम और घरों में रहने वाले बुजुर्गों पर अलग-अलग स्टडी की गई।
इसकी रिपोर्ट में 27.7 प्रतिशत बुजुर्ग जोकि ओल्ड एज होम में रह रहे थे डिप्रेशन के शिकार पाए गए। सोसाइटी के लोगों के बीच अपने घरों में रहने वाले बुजुर्गों की स्थिति कुछ बेहतर थी।