सरकार ने राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त (सीईसी) व एक सूचना आयुक्त के चयन की कार्यवाही पुरानी पद्धति से ही करने का फैसला किया है। सरकार ने पहले सीधे चयन समिति के जरिये चयन की कार्यवाही की योजना बनाई थी।
बाद में कानूनी दांवपेंच का अंदेशा सामने आने के बाद पुराने तरीके से आवेदन लेकर चयन का फैसला किया गया है। इसके लिए 10 सितंबर तक आवेदन किए जा सकते हैं।
इसके लिए प्रशासनिक सुधार निदेशालय के संयुक्त निदेशक के पास आवेदन करना होगा। इसके बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति आवेदकों की सूची में से दोनों पदों पर चयन करेगी। चयन समिति की सिफारिश पर राज्यपाल की मुहर लगने पर नियुक्ति दी जाएगी।
28 जून को बुलाई गई थी बैठक
राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त व एक सूचना आयुक्त का पद पिछले 30 जून से खाली है। सरकार ने इन दोनों ही पदों पर चयन के लिए 28 जून को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति की बैठक बुलाई थी।
इसमें नेता प्रतिपक्ष विधानसभा स्वामी प्रसाद मौर्य और स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन बतौर सदस्य शामिल हैं। यह बैठक किसी वजह से नहीं हो पाई थी।
दो दिन बाद 30 जून को मुख्य सूचना आयुक्त रणजीत सिंह पंकज व एक सूचना आयुक्त ज्ञान प्रकाश मौर्य का कार्यकाल पूरा हो गया। आयोग की वरिष्ठतम सदस्य होने के नाते खदीजातुल कुबरा के पास आयोग का प्रभार है।
इस शर्त ने भी बढ़ाई उलझन
सूत्रों का कहना है कि सरकार सूचना आयोग के एक मौजूदा आयुक्त को मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर तैनाती देना चाहती है, मगर पिछले डेढ़ महीने से वह यह तय नहीं कर पा रही कि चयन की कैसी प्रक्रिया अपनाई जाए जिससे इसमें कोई कानूनी अड़चन न आए।
सरकार ने 28 जून को जब सीधे चयन समिति के जरिये चयन की प्रक्रिया शुरू करने की ओर कदम बढ़ाया था तो वह कुछ दिन पहले चयनित हुए सूचना आयुक्तों की चयन प्रक्रिया से हटकर थी। पूर्व में सूचना आयुक्तों का चयन विज्ञापन के जरिये लिए गए आवेदनों से हुआ था।
तर्क दिया गया कि यदि चयन समिति वर्तमान सूचना आयुक्तों में वरिष्ठतम सदस्य के अलावा किसी अन्य को सूचना आयुक्त बनाने की ओर कदम बढ़ाएगी तो समिति में शामिल विपक्षी दल के नेता आपत्ति जता सकते थे। इसे कोर्ट में चुनौती भी दी जा सकती थी।
वरिष्ठतम सूचना अयुक्त बसपा शासन में नियुक्त की गईं खदीजातुल कुबरा हैं। राज्यपाल भी वरिष्ठता की अनदेखी पर सवाल पूछ सकते थे। शायद इसी द्वंद्व के कारण अंतिम समय में सीधे चयन समिति के जरिये मुख्य सूचना आयुक्त व सूचना आयुक्त के चयन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी।
मौजूदा सूचना आयुक्त भी कर सकते हैं आवेदन
सरकार ने एक बार फिर आवेदन लेकर सीआईसी व सूचना आयुक्त के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का फैसला किया है। नियमों के अनुसार इसमें मौजूदा सूचना आयुक्त भी आवेदन कर सकते हैं। हालांकि वे सूचना आयुक्त से बचे हुए कार्यकाल तक ही सीआईसी पद पर ही रह पाएंगे।
ये कर सकते हैं आवेदन : सामाजिक जीवन में जाने-माने ऐसे व्यक्ति जो विधि, विज्ञान एवं तकनीक, समाजसेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता, जनसंचार या शासन-प्रशासन में वृहद ज्ञान व अनुभव रखते हों।