किसानों के मुद्दे को लेकर सोमवार को समाजवादी पार्टी ने प्रदेश भर में जबरदस्त प्रदर्शन किया। राजधानी में अगुवाई पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने की। घर से निकलने के बाद पास केचौराहे पर धरने पर बैठे अखिलेश यादव की पहले काफी देर तक मान मुनव्वल की गई और आखिर में उन्हें हिरासत में लेकर ईको गार्डेन पार्क भेज दिया गया। जहां देर शाम निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
समाजवादी पार्टी ने सोमवार को प्रदेश भर में किसान यात्रा निकालने का एलान किया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव को कन्नौज में किसान यात्रा में शामिल होना था। लेकिन कन्नौज के जिलाधिकारी रमेश मिश्रा ने उन्हें धारा 144 और कोविड की गाइडलाइन का हवाला देते हुए अखिलेश के कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी। साथ ही लखनऊ पुलिस से कन्नौज के जिलाधिकारी ने अनुरोध किया कि अखिलेश यादव को लखनऊ से न आने दिया जाए। रात में पुलिस ने बैरिकेडिंग करते हुए अखिलेश के घर के आसपास और सपा कार्यालय के पास बैरिकेडिंग से सील कर दिया गया था। अखिलेश यादव के घर और समाजवादी पार्टी दफ्तर की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। सुबह जैसे-जैसे सपा के नेता और कार्यकर्ता पहुंचने लगे पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए एक-एक कर लोगों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया।
अखिलेश यादव के साथ जमकर हुई धक्का मुक्की
अखिलेश यादव साढ़े 12 बजे अपने घर से पैदल ही निकले और किसान यात्रा में जाने की बात करने लगे। इस दौरान सपा के सैकड़ों कार्यकर्ता भी मौकेपर पहुंच गए। अखिलेश यादव और उनके समर्थक बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए बंदरियाबाग चौराहे की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने बैरिकेडिंग पर अखिलेश को रोकने का प्रयास भी किया। इस दौरान जम कर धक्का मुक्की भी हुई। बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए बंदरियाबाग चौराहे पर पहुंचे अखिलेश को भारी पुलिस बल ने आगे जाने से रोक लिया। अखिलेश यादव वहीं धरने पर बैठ गए। आधे घंटे के मान मुनव्वल के बाद भी जब अखिलेश यादव वहां से नहीं हटे तो एसीपी हजरतगंज ने धारा 144 के उल्लंघन और कोविड महामारी के निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लेने की घोषणा कर दी।