डेमोक्रेसी के बाद अब नेटोक्रेसी का दौर शुरू हो गया है। आगामी दस वर्ष में नेटोक्रेसी पूरी तरह विकसित हो जाएगी। इस युग में वही विधायक सफल होंगे, जो इंटरनेट के जरिये आईटी और सोशल मीडिया पर अपडेट रहते हुए जनता से जुड़ाव रखेंगे। मुंबई में तीन दिवसीय राष्ट्रीय विधायक सम्मेलन में देश की 30 विधानसभाओं के प्रमुख सचिवों की बैठक में आने वाले समय में विधानसभाओं में कार्य संचालन और नियमावली में संशोधन को लेकर मंथन हुआ।
विधानसभा के प्रमुख सचिवों के साथ संविधान विशेषज्ञों व विधायिका से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि डेमोक्रेसी ग्रीक शब्द है इसमें डेमो का मतलब लोगों का समूह और क्रेसी का मतलब राज करने वाला है। पर तकनीकी नवाचार, आईटी क्रांति और सोशल मीडिया के दौर में डेमोक्रेसी के बाद अब नेटोक्रेसी का दौर शुरू हो गया है। इसका अर्थ इंटरनेट, आईटी और सोशल मीडिया के जरिये शासन करने वाला समूह है।
इनका मानना है कि देश में तकनीक आधारित राजनीति का दौर शुरू हो गया है। आगामी दस वर्ष में यह देश के हर क्षेत्र में विकसित हो जाएगा। इसमें वही जनप्रतिनिधि सफल होंगे जो इंटरनेट आधारित विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यम से जनता के बीच रहेंगे। युवा वर्ग मुद्दा आधारित राजनीति को पसंद कर रहा है। ऐसे में जिस दल के मुद्दों को जनता पसंद करेगी, वह उसी का समर्थन करेगी।
नियमावली और प्रक्रिया में भी बदलाव हो
विस के प्रमुख सचिवों का मानना है कि अब विधानसभा की नियमावली और कार्य संचालन की प्रक्रिया में भी बदलाव होना चाहिए। अधिकांश विधानसभा की नियमावली पांच से छह दशक पुरानी होने के कारण अब प्रासंगिक नहीं हैं। विधानसभा की विभिन्न कमेटियों को भी मजबूत बनाने और विधानसभा की बैठकें बढ़ाने की भी आवश्यकता है। बैठक में उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने बताया कि यूपी विधानसभा की नियमावली में परिवर्तन किया जा रहा है। ई विधान लागू किया गया है और आगामी दिनों में कार्यवाही को भी पेपरलेस कर दिया जाएगा।
प्रिंट मीडिया का सहयोग लें
प्रमुख सचिवों का यह भी मानना है कि विस की कार्यवाही को जनता तक पहुंचाने के लिए प्रिंट मीडिया प्रमुख माध्यम है। विस और प्रिंट मीडिया के बीच बेहतर समन्वय रहना चाहिए, तभी सदन की कार्यवाही की जानकारी जनता तक पहुंचेगी।