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मुलायम और डिंपल की सीटें तय, अखिलेश के आजमगढ़ से चुनाव लड़ने के लगाए जा रहे कयास

Sat, 09 Mar 2019 01:03 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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डिंपल यादव और मुलायम सिंह यादव - फोटो : amar ujala
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सांसद डिम्पल यादव को चुनाव नहीं लड़ाने की घोषणा से पलटते हुए समाजवादी पार्टी ने उन्हें फिर कन्नौज से उम्मीदवार बनाया है। इससे अटकलें तेज हो गई हैं कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव कहां से चुनाव लड़ेंगे। नौ उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही सपा की कांग्रेस व शिवपाल सिंह यादव से तल्खी बढ़ने के संकेत हैं।
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सपा के लिए परिवार में संतुलन साधने की भी चुनौती है। सपा ने जिन 9 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं, उनमें भले ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं लेकिन दो और दावेदारों को लेकर अभी उसने पत्ते नहीं खोले हैं। इनमें मैनपुरी के मौजूदा सांसद व बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव के दामाद तेजप्रताप यादव और मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव शामिल हैं।

मैनपुरी से तेजप्रताप का टिकट काट दिया गया। माना जा रहा है कि उनके लिए कोई नई सीट तलाशी जा रही है। अपर्णा ने चुनाव लड़ने की इच्छा जरूर जताई है लेकिन कह चुकी हैं कि इस संबंध में उनकी भैयाजी (अखिलेश यादव) से कोई बात नहीं हुई है। संभल से मुलायम परिवार के किसी और सदस्य को चुनाव लड़ाया जा सकता है।
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अपर्णा ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई

अपर्णा यादव
सपा ने जिन 9 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं, उनमें भले ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं लेकिन दो और दावेदारों को लेकर अभी उसने पत्ते नहीं खोले हैं। इनमें मैनपुरी के मौजूदा सांसद व बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव के दामाद तेजप्रताप यादव और मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव शामिल हैं।

मैनपुरी से तेजप्रताप का टिकट काट दिया गया। माना जा रहा है कि उनके लिए कोई नई सीट तलाशी जा रही है। अपर्णा ने चुनाव लड़ने की इच्छा जरूर जताई है लेकिन कह चुकी हैं कि इस संबंध में उनकी भैयाजी (अखिलेश यादव) से कोई बात नहीं हुई है। संभल से मुलायम परिवार के किसी और सदस्य को चुनाव लड़ाया जा सकता है।

अखिलेश के आजमगढ़ से लड़ने की चर्चाएं

अखिलेश यादव
सपा में इन दिनों सर्वाधिक चर्चा इस बात को लेकर है कि अखिलेश यादव कहां से चुनाव लड़ेंगे? दरअसल, उन्होंने कहा था कि डिम्पल यादव 2019 में चुनाव नहीं लड़ेंगी। अखिलेश ने खुद कन्नौज से चुनाव लड़ने का संकेत दिया था। अब डिम्पल को एक बार फिर कन्नौज से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद अखिलेश यादव कोे आजमगढ़ से चुनाव लड़ाए जाने चर्चाएं जोरों पर हैं। सपा-बसपा गठबंधन के लिए इस सीट को बहुत मुफीद माना जा रहा है। 2014 में मुलायम यहां से सांसद चुने गए थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में भी आजमगढ़ जिले की 10 में से 9 सीटों पर सपा-बसपा के उम्मीदवार विजयी रहे थे। प्रदेश भर में चली भाजपा की लहर यहां बेअसर रही थी। उसे केवल एक सीट ही मिल सकी थी।

 

बदायूं में आमने-सामने आई कांग्रेस-सपा

सपा - फोटो : amar ujala
बदायूं से मुलायम के भतीजे धर्मेन्द्र यादव सांसद हैं। वह लगातार यहां से जीतते रहे हैं। कांग्रेस ने बदायूं से पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता सलीम शेरवानी को प्रत्याशी बनाया है। बदायूं में मुस्लिम मतों की तादाद अच्छी है। इनके लिए सपा व कांग्रेस दोनों ही दावेदारी करेंगी, ऐसे में उनके रिश्तों में तल्खी आने की संभावना है।
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शिवपाल भी बढ़ाएंगे सिरदर्दी

शिवपाल सिंह
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल सिंह यादव ने फिरोजाबाद से चुनाव लड़ने का एलान किया है। सपा ने इस सीट पर मौजूदा सांसद और रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय को उम्मीदवार बनाया है। यहां चाचा-भतीजे के बीच जंग होगी। कुछ और सीटों पर शिवपाल की पार्टी सपा का सिरदर्द बढ़ाएगी।
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