सोनभद्र के जमीन विवाद में एसआईटी ने अपनी विवेचना को आगे बढ़ाते हुए एफआईआर में नामजद लोगों के बयान दर्ज करना शुरू कर रही है। सोमवार को एसआईटी के सामने तत्कालीन एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी, सहायक भू लेख अधिकारी राजकुमार, अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार दीक्षित और क्षेत्राधिकारी अभिषेक कुमार सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया है।
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एसआईटी की टीम डीआईजी जे रविंदर गौड़ के नेतृत्व में पांच सदस्यीय सोनभद्र पहुंच गई है। इसमें रविंदर गौड़ के अलावा अपर पुलिस अधीक्षक अमृता मिश्रा और तीन इंस्पेक्टर शामिल हैं। एसडीएम और सीओ के अलावा कई अन्य अधिकारियों को भी एसआईटी ने पूछताछ के लिए सोमवार को बुलाया है। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ का यह सिलसिला चार से पांच दिनों तक जारी रह सकता है। इसमें सोनभद्र के घोरावल में तैनात रहे कई पूर्व अधिकारियों से भी पूछताछ होगी और उनके बयान कलमबंद किए जाएंगे।
सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने पूर्व में तैनात रहे अन्य क्षेत्राधिकारियों, सहकारी समिति के उप निबंधक, राबर्टसगंज के तहसीलदार को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। एफआईआर में दर्ज सभी 28 लोगों से एसआईटी बारी-बारी पूछताछ करेगी, जो अगले चार से पांच दिनों तक चल सकती है।
मालूम हो सोनभद्र के घोरावल के उभ्भा में जमीन पर कब्जे को लेकर हुए 10 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले की शुरुआती जांच में जमीन का पुराना विवाद सामने आया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच केलिए अलग से हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराकर एसआईटी को विवेचना सौंप दी थी और दो महीने में विवेचना पूरी करने के निर्देश दिए थे।
हजरतगंज थाने में दर्ज एफआईआर में 28 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस मामले में घोरावल के उप जिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी समेत 5 लोगों को निलंबित कर दिया गया था जबकि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को वहां से हटा दिया गया था।