फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तकरार के बाद SDM गए छुट्टी पर, भाजपा सांसद ने कहा था- तमीज है या नहीं, एटीट्यूड घर में दिखाना

Wed, 13 Dec 2017 09:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बाराबंकी
विज्ञापन
भाजपा सांसद प्रियंका सिंह रावत - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
तालाब की भूमि पर अतिक्रमण हटाने को लेकर भाजपा सांसद प्रियंका सिंह रावत से हुए विवाद के बाद एसडीएम अजय द्विवेदी तीन दिनों का अवकाश लेकर चले गए। एकाएक उनके छुट्टी पर चले जाने को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
विज्ञापन


बताते चले कि क्षेत्र के चैला गांव में स्थित तालाब की भूमि पर कब्जा किए जाने की शिकायत पर जांच के बाद मामला सही पाए जाने पर मंगलवार को एसडीएम आईएएस प्रशिक्षु अजय कुमार द्विवेदी के आदेश पर राजस्व टीम उसे खाली कराने गए थे।

इसी बीच सूचना पर पहुंची भाजपा सांसद प्रियंका सिंह रावत व एसडीएम के बीच काफी कहा सुनी हुई थी। जिसकी चर्चा क्षेत्र समेत पूरे जिले में आग की तरह फैल गई थी। घटना के दूसरे दिन एसडीएम अजय द्विवेदी छुट्टी लेकर चले गए। एकाएक एसडीएम के अवकाश पर जाने को इसीसे जोड़ कर देखा जा रहा है।
विज्ञापन


दरअसल, सांसद ने एसडीएम से बेहद सख्त भाषा में बात की थी। वो पहले भी अपने तेवरों को लेकर चर्चा में रही हैं। ट्रेनी आईएएस एसडीएम अजय कुमार द्विवेदी से भाजपा सांसद ने कहा ‌था कि किसी की सुनते नहीं हो, तमीज नाम की कोई चीज है या नहीं। मै यहां खड़ी हूं, मेरी बात सुनने के बजाए मुंह घुमाके जा रहे हैं, दिमाग खराब है। अभी ट्रेनिंग पर हो सही से काम करो, जो अपना एटीट्यूट है, उसे अपने घर में दिखाना, यहां नहीं चलेगा। जनता का काम हम भी कर रहे हैं और आप को भी करना पड़ेगा। एसडीएम ने भी कहा कि जांच करा लें, मेरा दोष हो तो सजा दे देना। दोनों में काफी देर बहस होती रही। सांसद और एसडीएम के बीच हुए विवाद पर दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी सफाई दी थी।
विज्ञापन

सांसद बोली गरीब की फसल जुतवाने से किया था इंकार

- फोटो : amar ujala
सांसद ने अपनी सफाई में कहा था कि कि गरीब की फसल जुतवाने से मना किया गया था। लोग विरोध कर रहे थे मौके पर पहुंचकर मैने स्थिति संभाली। उधर एसडीएम ने कहा था कि सांसद ने धमकी दी है उसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी।

यह है पूरा मामला
बाराबंकी के सिरौली गौसपुर तहसील के चैला गांव में तालाब व सरकारी जमीन पर कई लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। सरसों व अन्य फसलें भी बो रखी हैं। शिकायत पर एसडीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह की अगुवाई में टीम पुलिस के साथ अवैध कब्जा हटाने गई थी।

यहां पर फसल की जुताई करने पहुंचे ट्रैक्टर के आगे आक्रोशित ग्रामीण विरोध करने लगे। हालात बिगड़ने पर वहां मौजूद भाजपा के कुछ पदाधिकारियों ने सांसद को सूचना दी तो नायब तहसीलदार ने स्थिति से एसडीएम को अवगत कराया।

टिकैतनगर शपथ ग्रहण से लौट रहीं सांसद मौके पर पहुंच गईं। इससे पहले एसडीएम भी विवाद की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंच गए। मौके पर पहुंचे एसडीएम का ग्रामीण विरोध करने लगे। तभी वहां मौजूद सांसद हालात देखकर एसडीएम पर बिफर पड़ी।

दोनों में कहासुनी इतनी बढ़ी की पुलिस को मामला शांत कराना पड़ा। एसडीएम बिना किसी कार्रवाई के टीम के लौट गए थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें