महज 24 घंटे के भीतर ही आखिरकार जिला प्रशासन को ठंड का अहसास हो गया। ठंड लगते ही प्रशासन ने स्कूल खोल देने का अपना तुगलकी फरमान वापस ले लिया। अब आठवीं तक के स्कूल 16 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने डीएम सत्येंद्र सिंह के निर्देश पर स्कूलों की छुट्टी रद्द करते हुए शुक्रवार से स्कूल खोलने का आदेश जारी किया था।
स्कूलों की छुट्टी क्यों निरस्त की गई इसका किसी के पास कोई साफ जवाब नहीं। कहा जा रहा था कि सिटी मॉन्टेसरी स्कूल ने तो स्कूल खोलने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में एक हजार से ज्यादा अभिभावकों के आवेदन पत्र तक पहुंचा दिए।
मजे की बात यह थी कि ये व्यक्तिगत रूप से अभिभावकों के बजाय सीधे प्रशासन की ओर से पहुंचाए गए।
सभी स्कूलों पर लागू होगा ये नियम
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इस वजह से यह चर्चा रही कि सीएमएस के साथ ही कुछ दूसरे बड़े स्कूल संचालकों के दबाव में छुट्टी निरस्त की गई हैं। चर्चा यह भी थी कि स्कूल खुलवाने के लिए संचालकों ने शासन स्तर से भी दबाव बनवाया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी ने बताया कि सर्दी को देखते हुए प्री प्राइमरी से कक्षा आठ तक के स्कूल 16 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं।
यह आदेश सरकारी और गैर सरकारी सभी विद्यालयों पर लागू होगा। आदेश न मानने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले 10 जनवरी को स्कूलों की छुट्टी 14 जनवरी तक बढ़ाई गई थी।
गर्म कपड़े बेअसर, घर से बाहर निकलना मुश्किल
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राजधानी में सर्दी के तेवर पिछले चार दिनों से तीखे बने हुए हैं, लेकिन शुक्रवार की सुबह जब लोगों की आंखें खुली तो रजाई से निकलने का हिम्मत नहीं हो रही थी।
आसमान तो साफ था, लेकिन ठंडी हवा के चलते गलन हाड़कंपा रही थी। ऐसे में स्वेटर-जैकेट सब बेअसर साबित हो रहे थे। क्या बच्चे और क्या बड़े, सभी शीतलहरी की चपेट में आकर कंपकंपा रहे थे।
पहाड़ों सी सर्द हुई राजधानी, जनजीवन अस्तव्यस्त
पहाड़ों पर बर्फबारी से जीरो डिग्री के करीब पहुंचे राजधानी के न्यूनतम तापमान ने सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया।
हाड़कंपा देने वाली वाली ठंड के कारण लोग घरों से कम निकलते दिखे। वहीं बढ़ती गलन के चलते सर्दी-जुकाम-बुखार ने भी लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा दिक्कत शुक्रवार को अभिभावकों और बच्चों को हुई।