ग्राम फरदा सुमेरपुर के एक निजी प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार को मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से स्कूल की दीवार ढह गई। इसकी चपेट में आकर छह मासूम बच्चे घायल हो गए।
दो की हालत गंभीर होने पर तत्काल उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां एक बच्ची ने दम तोड़ दिया। हादसा तब हुआ जब ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी लादकर स्कूल में प्रवेश कर रही थी। पुलिस ने घटनास्थल की पड़ताल की है।
पयागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फरदा सुमेरपुर में बदलूराम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है। इस विद्यालय को कक्षा पांच तक मान्यता मिली हुई है, जबकि स्कूल का संचालन हाईस्कूल तक किया जा रहा है।
गुरुवार को निर्धारित समय पर विद्यालय खुला। दोपहर 12:40 बजे के आसपास भोजनावकाश हुआ। इसी दौरान छात्र-छात्राएं कक्षा से निकलकर गेट की ओर बढ़ रहे थे तभी विद्यालय परिसर की पटान के लिए मिट्टी लेकर आई ट्रैक्टर-ट्रॉली मुख्य गेट से विद्यालय में प्रवेश करने लगी।
ये छात्र आ गए चपेट में
इस पर कक्षा नर्सरी की छात्रा दिव्या उर्फ महक श्रीवास्तव (7) पुत्री दीपक श्रीवास्तव निवासी कलहवापुर रानीपुर, नीतू जायसवाल (8) निवासी त्रिकोलिया व सुमेरपुर निवासी राजू (6), दीपू (13), रामू (13), रामचंदर (12) समेत कई छात्र दीवार के किनारे सटकर खड़े हो गए।
इतने में ट्रॉली का कोना दीवार से टकराया और दीवार तेज आवाज के साथ ढह गई। दिव्या और नीतू दीवार के नीचे दब गईं, जबकि अन्य बच्चे भागे। हालांकि, वे सभी भी जख्मी हो गए।
बच्चों के मलबे में दबते ही स्कूल में चीख पुकार मच गई। चीख-पुकार पर विद्यालय के शिक्षक और गांव के लोग दौड़े। मलबा हटाकर दोनों बच्चियों को निकाला गया और जिला अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों छात्राएं बुरी तरह से जख्मी हो चुकी थी। इनका तेजी से खून बह रहा था।
एक की मौत, एक गंभीर
यहां इलाज शुरू होते ही दिव्या की मौत हो गई, जबकि नीतू की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना पाकर पयागपुर थानाध्यक्ष संजय दूबे टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया। थानाध्यक्ष ने बताया कि बालिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि अभी तहरीर नहीं मिली है। मिलने पर कार्रवाई करेंगे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमरकांत सिंह का कहना है कि उन्हें बिना मान्यता के विद्यालय संचालन की जानकारी नहीं थी।
अब इस मामले का पता चला है। खंड शिक्षा अधिकारी से मामले की जांच कराकर विद्यालय प्रशासन के खिलाफ केस दर्ज कराएंगे। उसके बाद इस स्कूल की पूरी जांच होगी।
वहीं इस स्कूल के मैनेजर और प्रिंसिपल किसी से कोई बात नहीं करना चाह रहे। विद्यालय के प्रबंधक और प्रधानाचार्य पद पर जीवन लाल पाल की तैनाती है। हादसे के मामले में उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन मोबाइल रिसीव नहीं हुआ।