जांच कर रहे कमेटी के एक अधिकारी ने बताया कि टिकट बुक करते ही बैंक ट्र्रांजक्शन सक्सेजफुल हुआ और टिकट जनरेट हो गया, बाद में बैंक ने ही ट्रांजक्शन को डिनाई (अस्वीकार) कर दिया। यह रकम परिवहन निगम को नहीं मिली है।
मामले पर यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक एचएस गाबा का कहना है कि परिवहन निगम एवं एचडीएफसी की टीम संयुक्त रूप से मुख्यालय में जांच कर रही है। जून में ऑनलाइन बुक टिकट का ब्यौरा निकाला जा रहा है। जरूरत पड़ी तो केस दर्ज कराया जाएगा।