यूपी रोडवेज के राजधानी स्थित लखनऊ उपनगरीय डिपो मेंसंविदा ड्राइवर कागजों पर बस चलाकर करीब एक करोड़ रुपये का डीजल पी गए। यानी ड्राइवरों ने 400 किमी बस चलाई और साठगांठ कर 600 किमी चलाने का डीजल लिया।
यानी एक बार में 200 किमी का डीजल बेचकर रकम की बंदरबांट कर ली। फौरी जांच में छह महीने से 10 संविदा ड्राइवरों द्वारा अधिक डीजल लेने के दस्तावेज जब्त किए जा चुके हैं। उपनगरीय डिपो में करीब चार साल से इस ‘खेल’ के जारी रहने की चर्चाएं हैं।
उपनगरीय डिपो के नए सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) ओम कुमार मिश्रा ने इस ‘खेल’ को तब पकड़ा, जब वर्कशॉप में उनके सामने एक ड्राइवर ने बस का किमी 605 किमी दर्ज कराया जबकि उसी बस के कंडक्टर ने 405 किमी की आमदनी जमा की।
एआरएम ने अंदरखाने तहकीकात शुरू कर दी तो बड़े घोटाले का पता चला। उन्होंने प्रकरण की सूचना क्षेत्रीय प्रबंधक अखिलेश कुमार सिंह को देकर लेखाकार जेके वर्मा के नेतृत्व में जांच शुरू कराई। चार दिन की जांच में दो संविदा ड्राइवरों द्वारा छह माह में पांच-पांच लाख रुपये के डीजल का घपला सामने आया है।
ड्राइवरों के साथ वर्कशॉप कर्मचारी भी फंसे
कागजों पर फर्जी तरीके से बस चलाकर डीजल लेेकर बेचने के ‘खेल’ में संविदा ड्राइवरों के साथ वर्कशॉप कर्मचारी भी फंस गए हैं। खास तौर से डीजल बाबू और फोरमैन पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जब लखनऊ से सुल्तानपुर की दूरी तय है तो ड्राइवर ने अधिक किलोमीटर दर्शाकर डीजल लिया तो बाबू ने आपत्ति दर्ज क्यों नहीं कराई, इस पर सवाल उठे हैं।
संविदा ड्र्राइवरों ने डीजल बेचकर परिवहन निगम को चूना लगाने के लिए सुनियोजित तरीके से बस ट्रिप (संचालन) का किमी बढ़ाकर दिया। यानी फर्जी तरीके से कभी 450 किमी चलने वाली बस का किमी बढ़ाकर 700 कर दिया तो कभी 410 किमी चलने वाली का किमी 620 कर दिया और इसके बदले लिए गए डीजल को बेचकर आपस में बंदरबांट करते रहे। वहीं कंडक्टर निर्धारित 400 किमी की आमदनी डिपो में जमा करता रहा।
लखनऊ उपनगरीय डिपो में साठगांठ से डीजल बेचने के खेल की शुरुआत करीब चार साल से मानी जा रही है। ऐसे में इस दौरान डिपो के एआरएम रह चुके भागीरथी सिंह, आरके वर्मा, विवेकानंद तिवारी सहित अन्य भी जांच के दायरे में आएंगे। जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि एआरएम, स्टेशन इंचार्ज, डीजल बाबू, फोरमैन और लेखाकार ने लंबे अरसे से चले रहे इस गोरखधंधे को क्यों नहीं पकड़ा।
लखनऊ उपनगरीय डिपो के संविदा ड्राइवरों द्वारा फर्जी किमी अर्जित करके डीजल लेकर बेचने का घपले का पता चला है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ओपी मिश्र से जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। (अखिलेश कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, लखनऊ रेंज)