गृह विभाग की चिट्ठी में एक चूक से जो सियासी बवंडर मचा, उस पर अखिलेश यादव ने सफाई अलग अंदाज में दी है।
राम मंदिर निर्माण से जुड़ी चिट्ठी में चूक करना आईएएस सर्वेश चंद्र मिश्र को भारी पड़ गया।
खबर है कि अखिलेश का गुस्सा ही है कि चिट्ठी को लेकर हुई फजीहत के बाद शनिवार देर रात सर्वेश चंद्र मिश्र को सचिव गृह के पद से हटा दिया गया। फिलहाल सर्वेश मिश्र को प्रतीक्षारत रखा गया है।
इसके साथ ही मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन ने गृह अनुभाग-चार के अनुभाग अधिकारी प्रेम कुमार पांडेय को निलंबित कर दिया।
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राममंदिर निर्माण को लेकर गृह विभाग की एक चिट्ठी ने सियासी गलियारों में बवंडर खड़ा कर दिया। इस पर काबू पाने के लिए प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव को माफी तक मांगनी पड़ी।
पत्र में विषय के स्थान पर लिखा था कि सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण की ही तरह श्रीराम जन्मभूमि पर भी भारत सरकार द्वारा संसदीय कानून बनाकर मंदिर निर्माण के संबंध में।
वीएचपी की संकल्प यात्रा और मूर्ति विसर्जन को लेकर होने वाली बैठक के सिलसिले में जारी चिट्ठी में हुई चूक को लेकर शनिवार सुबह से मचा बवंडर देर रात दो लोगों पर कार्रवाई के बाद थमा।
इस प्रकरण के सामने आने के बाद से ही सरकार और गृह विभाग बैकफुट पर आ गया। गृह विभाग की तरफ से आननफानन में प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर सफाई दी गई।
दोपहर में कार्रवाई को लेकर उठे सवालों को प्रमुख सचिव गृह जांच होने की बात कहकर टालते रहे। आखिरकार देर रात सरकार ने सर्वेश चंद्र मिश्र को उनके पद से हटाकर वेटिंग में डाल दिया और चिट्ठी बनाने वाले अनुभाग अधिकारी प्रेम कुमार पांडेय को निलंबित कर दिया।
चिट्ठी में अयोध्या में राम मंदिर के पुनर्निर्माण पर विचार के लिए फैजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और जिला मजिस्ट्रेट को बैठक के लिए बुलाए जाने का जिक्र किया गया था।
पत्र में कहा गया है कि बैठक में मंदिर निर्माण को लेकर संसद में कानून पारित करने पर चर्चा होगी। यूपी सरकार के सचिव सर्वेश चंद्र मिश्र की ओर से जारी इस चिट्ठी में डीजीपी और दूसरे आला पुलिस अफसरों को सोमवार शाम बैठक में हिस्सा लेने के लिए कहा गया था।
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गलती का पता चलने के बाद इस पत्र को निरस्त कर दूसरा पत्र जारी किया गया। पुलिस अधिकारियों के लिए जारी किए गए इस पत्र का विषय ही विवाद की वजह बन गया। प्रेसवार्ता के दौरान प्रमुख सचिव गृह के साथ चिट्ठी जारी करने वाले सचिव सर्वेश चंद्र मिश्र भी मौजूद थे लेकिन वह कुछ भी बोलने से कतराते रहे।
विषय में आ गए खुफिया सूचना के शब्द
प्रमुख सचिव गृह का कहना है कि पिछले साल मूर्ति विसर्जन के दौरान बाराबंकी से फैजाबाद तक सांप्रदायिक विवादों से स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इसे लेकर खुफिया विभाग ने कुछ अहम सूचनाएं दी थीं। साथ ही 18 अक्तूबर को विहिप की प्रस्तावित संकल्प यात्रा के संबंध में भी अहम सूचनाएं मिलीं थीं।
इन सूचनाओं को संबंधित जिले के अधिकारियों को बताने और निर्देश देने के लिए 14 अक्तूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग होनी थी। उसके लिए ही पत्र भेजा जाना था। गलती से खुफिया सूचना वाली जानकारी विषय के स्थान पर और वीडियो कांफ्रेंसिंग की जगह बैठक लिख गया।
गृह विभाग पर काम का काफी दबाव
प्रमुख सचिव गृह श्रीवास्तव ने आननफानन में एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर पत्र में हुई चूक पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि विभाग पर काम का काफी दबाव है। दबाव के चलते ही पत्र में गड़बड़ियां हुई हैं।
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