अनुसूचित जाति और जनजाति के उन छात्रों के लिए अच्छी खबर है, जिन्हें आईएफएस कोड गलत होने जैसी वजहों से अभी तक छात्रवृत्ति और शुल्क की भरपाई नहीं हो सकी है।
शासन ने इनके भुगतान के लिए समाज कल्याण विभाग को इजाजत दे दी है। समाज कल्याण निदेशालय ने जिलास्तरीय समितियों से ऐसे विद्यार्थियों के बाबत रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद अगस्त में विद्यार्थियों के खातों में शुल्क भरपाई की रकम भेज दी जाएगी।
अनुसूचित जाति व जनजाति के काफी छात्र चार मुख्य दिक्कतों के चलते 31 मार्च तक छात्रवृत्ति के साथ-साथ शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि नहीं पा सके थे।
ये दिक्कतें थीं-विद्यार्थियों के बैंक खाते में दर्ज नाम और पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के बैंक मास्टर डाटा में दर्ज नाम में अंतर होना, इन विद्यार्थियों के मामले में 29 मार्च तक पीएफएमएस सॉफ्टवेयर का रिस्पॉन्स न देना, आवेदन फॉर्म में बैंक शाखा का आईएफएस कोड गलत भरना और आखिरी सप्ताह में डाटा वेरीफाई होने की वजह से ट्रेजरी बिल में नाम शामिल न हो पाना।