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यूपी की 57 हजार किमी सड़क पर सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे

Tue, 14 Jul 2015 12:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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सूबे की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का अभियान कामयाब होता नहीं दिख रहा है। 57 हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। इनमें ज्यादातर ग्रामीण और अन्य जिला मार्ग हैं। पीडब्ल्यूडी की अधिकृत रिपोर्ट में भी सड़कों की खस्ता हालत को स्वीकार किया गया है।
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गांवों की सड़कों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। हाल यह है कि 1.39 लाख किलोमीटर लंबी कुल ग्रामीण सड़कों में से 54,806 किलोमीटर लंबी सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि इन्हें ठीक करने के लिए 5 हजार 480 करोड़ रुपये की तत्काल जरूरत है।

बजट के अभाव के चलते इन सड़कों को जल्द दुरुस्त कर पाना मुमकिन नहीं है। इसी तरह से 2169.44 किलोमीटर लंबे अन्य जिला मार्ग, 134.55 किलोमीटर लंबे प्रमुख जिला मार्ग और 84.66 किलोमीटर लंबे राज्य मार्ग भी चलने लायक नहीं रह गए हैं।
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इन मार्गों का नए सिरे से निर्माण करना होगा। हालांकि, विभागीय अधिकारियों का दावा है कि खराब अन्य जिला मार्गों, प्रमुख जिला मार्गों और राज्य मार्गों के निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। जल्द ही स्वीकृतियां जारी हो जाएंगी।

खराब सड़कों की जोनवार लंबाई

आगरा--4872.84
इलाहाबाद--5759.87
आजमगढ़--696.60
बरेली--2342.00
फैजाबाद--6889.50

गोरखपुर--5455.35
झांसी--3379.60
कानपुर--3430.17
लखनऊ--7546.09

मेरठ--5586.79
मुरादाबाद--2240.24
वाराणसी--4996.00
कुल--57195.03

खराब सड़कें (किलोमीटर में)
ग्रामीण मार्ग--54,806.39
अन्य जिला मार्ग (ओडीआर)--2169.44
प्रमुख जिला मार्ग (एमडीआर)--134.55
राज्य मार्ग--84.66
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सूबे में सड़कें एक नजर

ग्रामीण मार्ग--1.39 लाख किलोमीटर
अन्य जिला मार्ग (ओडीआर)--39000 किलोमीटर
प्रमुख जिला मार्ग (एमडीआर)--7500 किलोमीटर
राज्य मार्ग (स्टेट हाईवे)--7500 किलोमीटर
कुल--1,93,000 किलोमीटर

मामले पर पीडब्‍ल्यूडी के विभागाध्यक्ष एके गुप्ता कहते हैं कि हमने ज्यादातर स्टेट हाईवे, अन्य जिला और प्रमुख जिला मार्गों को गड्ढा मुक्त कर दिया है। इनमें वही सड़कें बची हैं, जो पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी हैं और जिन्हें नए सिरे से बनाना होगा। इसकेलिए एस्टीमेट तैयार करवाया जा रहा है। ग्रामीण सड़कों को सुधारने के भी हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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