लखनऊ। तिहाड़ जेल में बंद माफिया डॉन बबलू श्रीवास्तव के गुर्गे व दस हजार के इनामी सारंग सक्सेना को निगोहां पुलिस ने रविवार रात गिरफ्तार कर लिया। सात साल पहले उसने अपनी बेटी के प्रेमी को फंसाने के लिए एक दलित महिला से उसके खिलाफ दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। सच्चाई उजागर होने पर वह फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए दस हजार रुपये का इनाम रखा गया था।
निगोहां इंस्पेक्टर जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुरादाबाद के मशकगंज के निवासी सारंग सक्सेना ने अपनी बेटी के प्रेमी को फंसाने के लिए निगोहां के क्षेत्रीय नेता राजकुमार यादव और उसकी सहयोगी सुधा तिवारी के साथ साजिश रची थी। फिर राजकुमार व सुधा की मदद से निगोहां की एक दलित महिला को साजिश में शामिल किया। इस दलित महिला से 12 अक्तूबर 2014 को सारंग ने अपनी बेटी के प्रेमी के खिलाफ दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया था। पुलिस की जांच में सच्चाई उजागर हुई तो राजकुमार यादव, सुधा तिवारी व सारंग सक्सेना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। राजकुमार व सुधा को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था मगर सारंग फरार हो गया था। सारंग की गिरफ्तारी पर दस हजार रुपये का इनाम था। इंस्पेक्टर ने बताया कि क्राइम व सर्विलांस टीम के साथ निगोहां पुलिस ने रविवार रात नगराम मोड़ के पास से सारंग को गिरफ्तार कर लिया।
छात्रसंघ चुनाव से पकड़ा था बबलू का साथ
90 के दशक में सारंग सक्सेना लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव के दौरान बबलू श्रीवास्तव के संपर्क में आया था। फिर कम समय में पैसा व नाम कमाने की चाहत में वह बबलू के साथ जुर्म की राह पर निकल पड़ा था। उसने बबलू श्रीवास्तव के साथ कई वारदात को अंजाम दिया। सारंग ने नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से करोड़ों रुपये की ठगी भी की थी। प्रदेश भर में उसके खिलाफ तमाम आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
स्टेशन अधीक्षक से मांगी थी दस करोड़ की फिरौती
निगोहां इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह ने बताया कि सारंग के खिलाफ पारा थाने में रेप का मुकदमा भी दर्ज है। सारंग ने 2006 में गाजियाबाद, सीतापुर व रामपुर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक से 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। रकम न मिलने पर उसने रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इस मामले में उसके खिलाफ जीआरपी ने केस दर्ज कराया था।