सीएम योगी ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में कहा कि एक प्रकार से देखा जाए तो पूरा भारत कुंभ में आया। 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज की धरती पर आए। कहीं भी लूट की घटना नहीं, चोरी की घटना नहीं, अपहरण की घटना देखने को नहीं मिली। आतिथ्य सत्कार का उदाहरण कैसे प्रस्तुत होना चाहिए। उत्तर प्रदेशवासियों और प्रयागराज के स्थानीय निवासियों ने उसका एक अद्भूत परिचय देकर देश के अंतःकरण में एक छाप छोड़ी है।
सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोगों का आतिथ्य सत्कार पूरे भारत और 100 से ज्यादा देशों के लोगों ने देखा। ये दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे लंबा चलने वाला धार्मिक आयोजन था। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, असम, मणिपुर, त्रिपुरा से जुड़े लोग महाकुंभ आए हैं। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड़ समेत देश हर कोने से महाकुंभ में लोग पहुंचे। नेपाल और भूटान से काफी श्रद्धालु आए। दुनिया में इतना लंबा चलने वाला आयोजन, इतन बड़ा आयोजन पहली बार प्रयागराज की धरती पर महाकुंभ के अवसर पर देखने को मिला। जिसे देखकर हर कोई अभिभूत था। उन्होंने कहा कि पूरे देश से 66 करोड़ श्रद्धालु आए। तमाम जनपदों से गुजरते हुए आए होंगे लेकिन न तो कहीं लूट की घटना हुई, न अपहरण की घटना हुई, न छेड़छाड़ की घटना हुई , न चोरी की घटना हुई। ये आतिथ्य सरकार का अद्भुत उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि महाकुंभ में जो व्यवस्थाएं की थी उनसे संतुष्ट होकर श्रद्धालु जाते थे। जो भी महाकुंभ आया उसने उसकी तारीफ की। इन 45 दिनों में प्रयागराज के अंदर स्वच्छता की तारीफ हर किसी ने की। करोड़ों लोग आए, लेकिन कोई गंदगी नहीं हुई। कर कोई दो चीजों की जरूर तारीफ करता था, एक तो स्वच्छता और दूसरी पुलिस के व्यवहार को लेकर। पुलिसकर्मियों ने 16-16 घंटे तक श्रद्धालुओं की सेवा की। अलग-अलग विभाग के लोगों ने श्रद्धालुओं की सेवा की।
सीएम ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए जो व्यवस्थाएं की थीं उन व्यवस्थाओं से अभिभूत होकर हर व्यक्ति जाता था। जो जाता था, वो त्रिवेणी का जल लेकर जाता था। जो आए थे वो तो खुद को सौभाग्य मानते ही थे। साथ ही जो किन्हीं कारणों से नहीं आए उनके लिए उनके घर तक गंगाजल पहुंचाने का कार्य वो श्रद्धालु करते थे जिससे वो भी प्रयागराज महाकुंभ के साक्षी बनते। उन्होंने कहा कि ये वही यूपी था जब यहां बात-बात पर दंगे होते थे। व्यापारी घबराते थे कि पता नहीं कब दंगा हो जाए और सामान आग की भेंट चढ़ जाए। आज प्रदेश दंगामुक्त है। सभी पर्व शांति और भव्यता के साथ संपन्न होते हैं। ईद, दिवाली, क्रिसमस, गुरुपर्व, जगन्नाथ जी की झांकी हो या खाटू श्याम की यात्रा, उत्साह और उमंग के साथ निकलते हैं।
सीएम योगी ने कहा, 'पूरा भारत कुंभ में आया। 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज की धरती पर आया। कही भी लूट की घटना नहीं, चोरी की घटना नहीं, अपहरण की घटना देखने को नहीं मिली। इस दौरान कोई आपराधिक घटना नहीं हुई। आतिथ्य सत्कार का उदाहरण कैसे प्रस्तुत होना चाहिए। यह उत्तर प्रदेश वासियों ने और प्रयागराजवासियों ने उसका एक अद्भूत परिचय देकर देश के अंतःकरण में एक छाप छोड़ी है। आखिर यह उत्तर प्रदेश बदला कैसे। ये तो वही उत्तर प्रदेश था, जहां हर दूसरे-तीसरे दिन दंगे होते थे।'
अब यूपी हर पर्व उत्साह, उमंग के साथ मनाता है
उन्होंने आगे कहा, जैसे आज मुर्शिदाबाद जल रहा है, याद करिए 17 के पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसे ही होता था। कभी मुजफ्फरनगर के दंगे। छह महीने तक चला था मुजफ्फरनगर का दंगा। बरेली, साल में चार दंगे तो उनके लिए जैसे पेटेंट हो गए थे। अलीगढ़, लखनऊ, कानपुर और न जाने कहां-कहां, कोई जिला ऐसा नहीं था। कोई पर्व या त्योहार आता था तो पर्व और त्योहार का उत्साह इसलिए मंद पड़ जाता था, सज्जन और शरीफ लोगों को आशंका होती थी कि पता नहीं दंगा की चपेट में कौन आ जाए। व्यापारी इसलिए व्यापार करने से घबराता था कि कब दंगा हो जाए और उसका सामान आग भेंट चढ़ जाए। आज तो दंगा नहीं होता है, आज तो उत्तर प्रदेश दंगा मुक्त है। आज उत्तर प्रदेश हर पर्व और त्योहार को उसी उत्साह, उमंग के साथ मनाता है। क्या होली, क्या दीपावली, क्या ईद, क्या क्रिसमस, क्या गुरु पर्व। हर धर्म, संप्रदाय का त्योहार उसी उत्साह और उमंग से मनाया जा रहा है।'
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