समीक्षा अधिकारी व अपर निजी सचिव संवर्ग को जल्द ही राजपत्रित अधिकारी का दर्जा देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए कैबिनेट को भेजे जाने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
सचिवालय के करीब ढाई हजार कर्मचारी इसका फायदा पाएंगे।
सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र, सचिव ओंकारनाथ तिवारी व उपाध्यक्ष मुदस्सिर हुसैन आदि ने इस सिलसिले में पिछले दिनों मुख्य सचिव आलोक रंजन से मुलाकात की थी।
मुख्य सचिव ने जल्द ही इस पर निर्णय का आश्वासन दिया था।
अपर निजी सचिव संघ के अध्यक्ष अमर सिंह पटेल, उपाध्यक्ष विनय सिंह व महामंत्री विवेक किशोर तथा सचिवालय सेवा सीधी भर्ती संघ के उपाध्यक्ष शशिकांत शुक्ल आदि की अगुवाई में लंबे समय तक हुए आंदोलन में भी यह मांग शामिल रही है।
पैसे से बड़ा सम्मान
गैर राजपत्रित अधिकारियों को सरकार साल में एक बार बोनस देती है। राजपत्रित घोषित होने के बाद इन्हें बोनस मिलना बंद हो जाएगा।
इससे सरकार को सालाना 80 से 85 लाख रुपये की बचत होने की संभावना है। सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र का कहना है कि सचिवालय के कर्मियों के लिए पैसे से बड़ा सम्मान है।
इसीलिए संघ काफी समय से यह मांग करता रहा है।