नेशनल इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम की कवायद निर्भया कांड के बाद जस्टिस वर्मा कमेटी की सिफारिश के बाद शुरू हुई थी। इस संबंध में केंद्र में कई बार बैठकें भी हुईं। सूत्रों का कहना है कि कई राज्यों की इसके लिए सहमति मिल चुकी है और कई राज्य इसकी तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले कुछ ही महीनों में इस सुविधा को शुरू करने के लिए निर्णय हो सकता है।
यूपी की तर्ज पर हर राज्य में बनेगा सेंट्रलाइज पुलिस कंट्रोल रूम
यूपी 100 के अपर पुलिस महानिदेशक आदित्य मिश्रा बताते हैं कि यूपी की तर्ज पर अन्य राज्यों में भी सेंट्रलाइज पुलिस कंट्रोल रूम बनाने पर विचार किया जा रहा है। हाल ही गुजरात, कर्नाटक व तेलंगाना की टीमें यूपी 100 का अध्ययन करने आई थीं।
आदित्य मिश्रा ने बताया कि 112 नंबर को अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी नंबर माना जाता है। यही वजह है कि अधिकतर मोबाइल सेवा देने वाली कंपनियां तीन बार पावर बटन दबाने पर सीधे 112 से कनेक्ट कर देती हैं, जबकि भारत में 112 नंबर की सुविधा न होने की वजह से लोगों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता है। नेशनल इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम लागू होने के बाद जिस राज्य से फोन कॉल की जाएगी, उसी राज्य के पुलिस कंट्रोल रूम से कॉल कनेक्ट होगी।