शाह ने खुद ही दो स्थानों पर कार्यकर्ताओं को बुलाकर उनसे बातचीत करने का फैसला किया है। उन्होंने खुद कहा कि पूरे प्रदेश के लोगों को लखनऊ बुलाकर बात करने से नीचे के कार्यकर्ताओं से संवाद नहीं हो पाता। इसलिए तीन-तीन क्षेत्रों के समूहों में कार्यकर्ताओं से बात करेंगे।
उन्होंने मिर्जापुर में अवध, गोरखपुर और काशी क्षेत्र के सारे पदाधिकारियों, लोकसभा प्रभारियों और विस्तारकों को बुलाया है। आगरा में कानपुर-बुंदेलखंड, पश्चिम और बृज के लोगों को बुलाया गया है। दोनों ही स्थानों पर सीएम भी रहेंगे।
बैठकें लोकसभा क्षेत्रवार होंगी। इनमें शाह एक-एक सांसद के बारे में लोगों से बातचीत करके जमीनी हकीकत समझेंगे। साथ ही उस क्षेत्र के मंत्रियों के कामकाज और उनके बारे में लोगों की धारणा का आकलन करेंगे।
बताया जाता है कि शाह ने पहले से ही लोकसभा के एक-एक क्षेत्र और मंत्री के बारे में जानकारी जुटा रखी है। यह जानकारी उनके पास अलग-अलग माध्यमों से पहुंची है। बैठक में वे इस जानकारी की सच्चाई भी परखेंगे।
सूत्र बताते हैं कि बैठक में केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर सांसदों, विधायकों और प्रदेश तथा केंद्र सरकार के मंत्रियों की सक्रियता के बारे भी जानकारी लेंगे। खास तौर से सांसद आदर्श ग्राम और उज्ज्वला जैसी योजनाओं की स्थिति के साथ वे बिजली आपूर्ति और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों की भी जानकारी लेंगे।
विकास कार्यों की स्थिति के बारे में जानकारी जुटाने के साथ शाह प्रत्येक जिले और लोकसभा खासतौर से सपा व बसपा के महागठबंधन के चलते बनने वाले सियासी और सामाजिक समीकरणों के बारे में भी जानकारी जुटाएंगे। उसी आधार पर आगे की रणनीति बनेगी।