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मिशन 2019: अमित शाह परखेंगे यूपी के सांसद, विधायक और मंत्रियों की सक्रियता

Sun, 01 Jul 2018 12:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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amit shah
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मगहर से सियासी तीर चलाकर लोकसभा चुनाव के समीकरणों को दुरुस्त करने की कोशिश की तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अब मां विंध्यवासिनी शक्तिपीठ मिर्जापुर पहुंचकर चुनाव में जीत का रास्ता खोलने वाले समीकरणों को दुरुस्त करने की शुरुआत करेंगे।

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वे 4 जुलाई को मिर्जापुर में पूर्वी यूपी के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। अगले दिन 5 जुलाई को वे आगरा में पश्चिमी यूपी के कार्यकर्ताओं से मशविरा कर मौजूदा सांसदों का फीडबैक जुटाएंगे।

शाह के इस दौरे को निकट भविष्य में प्रदेश में योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल और लोकसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक ने शाह के 4 जुलाई को मिर्जापुर और 5 जुलाई को आगरा आने की पुष्टि की है।
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वर्ष 2013 में यूपी का प्रभारी बनने के बाद से ही अमित शाह का फोकस उत्तर प्रदेश में माइक्रो प्लानिंग पर रहा है। प्रभारी रहते और फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद ज्यादातर मौकों पर लखनऊ में बड़ी बैठकें करने के बजाय उन्होंने छोटे-छोटे जिलों में जाकर जमीनी कार्यकर्ताओं से संवाद को तवज्जो दी।

मोदी और शाह 2014 में भाजपा को लोकसभा में मिले बहुमत का श्रेय यूपी की जनता और कार्यकर्ताओं को देते आए हैं। अब, जब लोकसभा चुनाव की चुनौती फिर सामने है तो उनका आम कार्यकर्ताओं से बातचीत करके जमीनी हाल जानना स्वाभाविक है।

शाह ने ही तय की बैठकें

शाह ने खुद ही दो स्थानों पर कार्यकर्ताओं को बुलाकर उनसे बातचीत करने का फैसला किया है। उन्होंने खुद कहा कि पूरे प्रदेश के लोगों को लखनऊ बुलाकर बात करने से नीचे के कार्यकर्ताओं से संवाद नहीं हो पाता। इसलिए तीन-तीन क्षेत्रों के समूहों में कार्यकर्ताओं से बात करेंगे।

उन्होंने मिर्जापुर में अवध, गोरखपुर और काशी क्षेत्र के सारे पदाधिकारियों, लोकसभा प्रभारियों और विस्तारकों को बुलाया है। आगरा में कानपुर-बुंदेलखंड, पश्चिम और बृज के लोगों को बुलाया गया है। दोनों ही स्थानों पर सीएम भी रहेंगे।

बैठकें लोकसभा क्षेत्रवार होंगी। इनमें शाह एक-एक सांसद के बारे में लोगों से बातचीत करके जमीनी हकीकत समझेंगे। साथ ही उस क्षेत्र के मंत्रियों के कामकाज और उनके बारे में लोगों की धारणा का आकलन करेंगे।

बताया जाता है कि शाह ने पहले से ही लोकसभा के एक-एक क्षेत्र और मंत्री के बारे में जानकारी जुटा रखी है। यह जानकारी उनके पास अलग-अलग माध्यमों से पहुंची है। बैठक में वे इस जानकारी की सच्चाई भी परखेंगे।
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परीक्षा जैसी होगी बैठक

सूत्र बताते हैं कि बैठक में केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर सांसदों, विधायकों और प्रदेश तथा केंद्र सरकार के मंत्रियों की सक्रियता के बारे भी जानकारी लेंगे। खास तौर से सांसद आदर्श ग्राम और उज्ज्वला जैसी योजनाओं की स्थिति के साथ वे बिजली आपूर्ति और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों की भी जानकारी लेंगे।

विकास कार्यों की स्थिति के बारे में जानकारी जुटाने के साथ शाह प्रत्येक जिले और लोकसभा खासतौर से सपा व बसपा के महागठबंधन के चलते बनने वाले सियासी और सामाजिक समीकरणों के बारे में भी जानकारी जुटाएंगे। उसी आधार पर आगे की रणनीति बनेगी।
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