समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के प्रवक्ता दीपक मिश्र ने कहा कि मोर्चे के मिल रहे व्यापक जनसमर्थन से विपक्षी पार्टियों में बौखलाहट है। सपा का शीर्ष नेतृत्व तो संयोजक शिवपाल सिंह यादव की छवि को लगातार धूमिल करने की कोशिश कर रहा है। जबकि, सच्चाई यह है कि शिवपाल यादव के प्रयासों से राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा को रोकने के लिए महागठबंधन बन चुका था।
इसमें पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, पूर्व सांसद शरद यादव, राजद नेता लालू यादव और रालोद नेता अजित सिंह जैसे लोगों ने भी सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को अपना अध्यक्ष मान लिया था।
बाद में बनी परिस्थितियों से सपा राष्ट्रीय पार्टी बनने के मुहाने से लौट आई। मुलायम सिंह यादव को प्रधानमंत्री बनाने का सपना भी अधूरा रह गया। दीपक मिश्र ने कहा कि यादव सिंह मामले में किसने खुद की फंसी गर्दन को बचाने के लिए भाजपा के एजेंट के रूप में समाजवादियों के बढ़ते कदमों को रोका। सपा वाले अगर बंगले, टोटी और होटलों की बात न करें तो बेहतर होगा।
दीपक मिश्र ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त हो चुके फैजाबाद के स्थानीय नेता पवन पांडे ने शिवपाल सिंह यादव पर अनर्गल व तथ्यहीन आरोप लगाए हैं। पवन सरीखे नेता जब समाजवाद की दोहाई देते हैं, तो हंसी आती है।
ऐसे लोगों को कारण ही सपा आज रसातल की ओर बढ़ रही है। ये समाजवाद के आंतरिक शत्रु हैं। मोर्चा के प्रवक्ता अभिषेक सिंह ने कहा कि शिवपाल ने हमेशा समावेशी विकास पर जोर दिया है। समाजवादी सेक्युलर मोर्चा शीघ्र ही समाजवादी मूल्यों को बचाने के लिए व्यापक अभियान चलाएगा।