समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि तमाम प्रयासों के बावजूद कोरोना वायरस का संक्रमण फैलता ही जा रहा है। ऐसे में अब दीर्घकालीन व्यवस्थाएं करनी होगी।
ताली-थाली के शोर या दिया-टार्च जलाकर रोशनी जैसे प्रतीकात्मक कर्मकांडों से मनोरंजन भले हो, लेकिन कोरोना का उपचार नहीं होगा। अखिलेश यादव ने रविवार को बयान में कहा कि प्रधानमंत्री को प्रतीकात्मक कर्मकांडों के बजाय चिंता करनी चाहिए कि गरीबों के घरों के चूल्हे की आग ठंडी न हो।
गरीबों के बच्चे दूध के बिना भूखे न सोएं और नौजवानों की आंखो में भविष्य को लेकर धुंध न पनपे। यादव ने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
कहा कि सरकारी प्रयासों के अतिरिक्त समाजवादी पार्टी के नेता, कार्यकर्ता देशव्यापी लॉकडाउन में भूखे, प्यासे, गरीबों असहायों की लगातार मदद कर रहे हैं।