सपा प्रवक्ता व एमएलसी सुनील सिंह यादव साजन कहते हैं कि पार्टी मध्य वर्ग को विशेष तौर पर लक्ष्य बनाए हुए है। इस वर्ग के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, उनकी पढ़ाई का प्रबंधन करने, किसानों की खेती की लागत कम करने आदि पर जोर दिया जा रहा है। घोषणा पत्र में इसकी झलक दिखेगी। उन्होंने दावा किया कि 80 फीसदी तक वोटबैंक हमारा हो सकता है। विभिन्न सर्वे में सपा का वोटबैंक लगातार बढ़ रहा है।
परंपरागत जनाधार को बचाए रखना चुनौती
लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के महामंत्री व सामाजिक चेतना फाउंडेशन के उपाध्यक्ष प्रो. राजेंद्र वर्मा कहते हैं कि सपा ने बसपा के जनाधार को खुद की तरफ खींचा है तो परंपरागत वोटबैंक को संजोया भी है। पार्टी की ओर से मध्य व निम्न वर्ग के लोग लगातार जुड़ते नजर आ रहे हैं। लोग सपा की ओर देख रहे हैं। फिर भी पार्टी को परंपरागत जनाधार को बचाए रखना होगा। छोटी सी चूक घातक हो सकती है।
- 12वीं विधानसभा चुनाव (1993) में भाजपा को 33.30 फीसदी वोट मिले। सपा व बसपा गठबंधन में सपा को 17.94 फीसदी और बसपा को 11.12 फीसदी वोट मिले। कांग्रेस को 15.08 फीसदी और जनता दल को 12.33 फीसदी वोट मिले। सपा के मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने। हालांकि गेस्ट हाउस कांड के बाद बसपा ने समर्थन वापस ले लिया और भाजपा के समर्थन में मायावती मुख्यमंत्री बनीं।
- 13वीं विधानसभा चुनाव (1996) में सपा को 21.80 फीसदी वोट मिले। भाजपा को 32.52 फीसदी, बसपा 19.64 फीसदी और कांग्रेस को 8.35 फीसदी वोट मिले। इस बार पहले कल्याण सिंह, फिर रामप्रकाश गुप्ता और इसके बाद राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री बने।
- 14वीं विधानसभा चुनाव (2002) में भाजपा को 20.08 फीसदी, बसपा 23.06 फीसदी और सपा को 25.37 फीसदी वोट मिले। तीन मई, 2002 को बसपा की मायावती मुख्यमंत्री बनीं। लेकिन 29 अगस्त, 2003 को जोड़-तोड़ कर सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने सरकार बनाई।
- 15वीं विधानसभा चुनाव (2007) में बसपा को 30.43 फीसदी, सपा को 25.43 फीसदी और भाजपा को 16.97 फीसदी वोट मिले। 13 मई, 2007 को मायावती ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
- 16वीं विधानसभा चुनाव (2012) में सपा को 29.13 फीसदी, भाजपा 15 फीसदी और बसपा 25.91 फीसदी और कांग्रेस को 11.65 फीसदी वोट मिले। सपा के अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने।
- 17वीं विधानसभा चुनाव (2017) में भाजपा को 39.67 फीसदी, सपा 21.82 फीसदी और बसपा 22.23 फीसदी व कांग्रेस को 6.25 फीसदी वोट मिले। भाजपा को योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने।