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गर मैं मर जाऊं, अलग से पहचान लिख देना, मेरी पेशानी पर लहू से हिंदुस्तान लिख देना: सपा विधायक

Wed, 19 Feb 2020 10:21 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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up budget 2020 - फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट पेश किए जाने केबाद राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा जारी रही। मेरठ से सपा विधायक रफीक अंसारी ने सीएए विरोधी आदोलनकारियों के उत्पीड़न पर सरकार को घेरा। उन्होंने शेर से अपनी बात शुरू की,- गर मैं मर जाऊं अलग से पहचान लिख देना, मेरी पेशानी पर लहू से हिंदुस्तान लिख देना। 
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रफीक अंसारी ने कहा, संविधान ने हमें धरना-प्रदर्शन का अधिकार दिया है। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने अघोषित इमरजेंसी लगा रखी है। जो धरना-प्रदर्शन करेगा उसे लाठी, गोली मारी जाएगी, जेल में डाला जाएगा। 

पूरे देश में नागरिकता कानून संशोधन के खिलाफ आंदोलन हो रहे हैं लेकिन सरकार ने उन्हें कुचलने के लिए हदें पार कर दी हैं। भाजपा विपक्ष में थी उसके नेता चिल्लाते थे गुंडाराज है, जंगलराज है लेकिन आज क्या है, सब देख रहे हैं। 
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उन्होंने कहा, मेरठ के लोगों से वादा किया है इस गूंगी बहरी सरकार के कानों तक आवाज पहुंचाऊंगा। इस सरकर ने आंदोलन में मरने वालों के घर जाकर भी नहीं देखा कि गरीब और कमजोर ठेले, रिक्शेवालों के घर कैसे चल रहे हैं।
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 उन्होंने कहा, केंद्र सरकार के मंत्री के बयान दिया कि देवबंद में आतंकवादी पैदा होते हैं। 1857 में लाहौर से देवबंद तक एक भी पेड़ ऐसा नहीं बचा था, जिस पर  अंग्रेजों ने उलेमाओं को फांसी पर न लटकाया हो। आज उन पर आतंकवादी होने का आरोप लगाया जा रहा है।
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