अयोध्या अब विकास की ओर, विवाद नहीं चाहिए : इकबाल
मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने साफ कहा है कि मुस्लिम समाज द्वारा जो पत्र ट्रस्टियों को लिखा गया है उससे उन्हें कोई मतलब नहीं है, जिसने लिखा वह जाने। मैं बस इतनी बात कहूंगा कि अब अयोध्या विकास की ओर है। अब और विवाद नहीं होना चाहिए। हमारी मांग है कि अयोध्या नगरी में मुस्लिम समाज की जो विरासत धरोहर है उसे भी सहेजा जाए। मस्जिदों, मजारों, कब्रगाह का सौंदर्यीकरण कराया जाए।
अड़ंगा लगाने का षड़यंत्र कर रहा मुस्लिम समाज: सत्येंद्र दास
रामलला के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कड़े शब्दों में इसका विरोध करते हुए कहा कि पूरे अधिग्रहित क्षेत्र में न कहीं कोई कब्रिस्तान है न ही मुस्लिम समाज का वहां पर कोई कब्जा था। लोअर कोर्ट में इसकी बहस भी हो चुकी है। सनातन धर्म की मान्यता है कि जहां पर पूजा-अर्चना होती है घंटा घड़ियाल बजते हैं। शंखनाद होता है, वह स्थल पवित्र होता है। इंच-इंच जमीन भगवान राम की है। मुस्लिम समाज इसमें अड़ंगा लगाने का षड़यंत्र कर रहा है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि हमने उस भूमि पर कभी कोई कब्र नहीं देखी। हमारे बुजुर्ग भी बताते रहे कि मुगलों ने जबरन मंदिर तोड़कर मस्जिदों का निर्माण किया, हमेशा मंदिर ही रहा है। 1934 से मुसलमान कभी अधिग्रहीत क्षेत्र में गए ही नहीं। कब्रिस्तान होने की बात झूठी एवं निराधार है। राममंदिर निर्माण में रोड़ा डालने का प्रयास है, अयोध्या की रज-रज पवित्र है, मुस्लिम समाज हमारी भावनाएं भड़काने का प्रयास कर रहा है।
अंधविश्वास पैदा करने का षड़यंत्र कर रहे मुस्लिम : कन्हैया दास
संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास रामायणी ने कहा कि वहां कोई कब्र नहीं थी। काल्पनिक कब्र बनाकर अयोध्या की भूमि को अपवित्र करने का प्रयास कुंठित लोगों द्वारा किया जा रहा है। रामलला की भूमि पवित्र है। मुसलमानों ने नया शिगूफा छोड़ा है। अंधविश्वास पैदा करने का षड़यंत्र किया जा रहा है। अयोध्या की सारी भूमि पवित्र है राममंदिर बनने पर स्वत: और पवित्र हो जाएगी। राममंदिर निर्माण में अब कोई रोड़ा बर्दाश्त नहीं होगा।
सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना कर रहा मुस्लिम समाज: विहिप
विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्ण भूमि रामलला की मान ली है, जब इसको स्वीकार कर लिया है और फैसला भी दे दिया है। तब कब्रिस्तान की बात करना भ्रम की स्थिति पैदा करना है साथ ही साथ सुप्रीम कोर्ट की मुस्लिम समाज अवमानना कर रहा है। कभी मलबे की मांग, कभी कब्रिस्तान की बात कहकर मुस्लिम समाज हिंदुओं की भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहा है। यह सिर्फ दिव्य-भव्य राममंदिर निर्माण की राह में रोड़ा अटकाने का प्रयास है।