सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 में हमारी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) की रणनीति कामयाब रही। हमने जनता के मुद्दे उठाए। इससे भाजपा की नकारात्मक राजनीति खत्म हो गई। अखिलेश यादव सपा की संसदीय बोर्ड की बैठक में बोल रहे थे।
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इन चुनाव में नकारात्मक राजनीति की हार हुई है और जनता के मुद्दों की जीत हुई है। सपा देश की सबसे बड़ी पार्टी बनी है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम जनता के मुद्दों को उठाएं और हम मुखर होकर ऐसा करते रहेंगे।
बैठक में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के अलावा, वरिष्ठ पार्टी नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान बैठक में शिवपाल सिंह यादव और राम गोपाल यादव भी मौजूद रहे। बैठक में नए बने सांसद डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, आदित्य यादव, अक्षय यादव और अफजाल अंसारी भी मौजूद रहे। यूपी में सपा ने इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर 43 सीटें जीती। इसका असर बैठक में भी नजर आया और सभी बड़े खुश नजर आए।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव कन्नौज से सांसद चुने गए हैं। वह करहल विधानसभा सीट से विधायक भी हैं। जल्द ही निर्णय हो जाएगा कि वह कौन सी सीट छोड़ेंगे। अखिलेश राष्ट्रीय राजनीति में दखल देंगे या फिर राज्य की राजनीति में रहेंगे। जल्द ही इस पर निर्णय होगा।
जल्द ही अखिलेश के भतीजे पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव और चाचा राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
वहीं, सपा कार्यालय के बाहर अखिलेश यादव को बधाई देते हुए पोस्टर लगाए गए हैं। पार्टी कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर में कहा गया है कि 'सबके श्री अखिलेश, अयोध्या के अवधेश'।
लोकसभा चुनाव में सपा का प्रदर्शन बेहद खास है। इससे पार्टी नेताओं व कार्यकर्ता बेहद उत्साहित हैं। 2019 और इसके पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी दोनों ही बार सिर्फ पांच सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी थी।