राजधानी लखनऊ के बालू अड्डा इलाके में डायरिया से एक बच्चे की मौत और करीब 150 मरीज मिलने को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने नगर निगम लखनऊ में प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। सपाइयों ने पूर्व मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविदास मल्होत्रा से भी धक्का-मुक्की की।
बुधवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, महापौर संयुक्ता भाटिया से लेकर शहर के आला अफसर इलाके में पहुंचे और हालात का जायजा लिया। डब्ल्यूएचओ की टीम भी क्षेत्र में पहुंची और हालात को परखा। क्षेत्र से पानी के सात नमूने लेकर राज्य औषधि जनविशलेषक प्रयोगशाला भेजे गए जबकि मामले की डीएम अभिषेक प्रकाश ने मामले की जांच के लिए एडीएम पूर्वी केपी सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है।
इस बीच, कॉलोनी में डायरिया के मरीज मिलने का सिलसिला जारी रहा। युवराज, निशा, धर्मेंद्र, परी, पिंकी, विजय और रिंकी समेत 11 मरीजों को बुधवार को सिविल अस्पताल भेजा गया। इसमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। बालू अड्डा पीएचसी में सुबह से ही मरीजों के आने का सिलसिला जारी रहा। उल्टी-दस्त बंद न होने की वजह से माही, रिंकी को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केपी त्रिपाठी के मुताबिक, पीएचसी पर शाम तक करीब 40 से अधिक मरीज दवा लेने पहुंचे थे। इसमें अधिकतर दस्त व पेट दर्द की समस्या से ग्रस्त थे। सभी को पानी में क्लोरीन मिलाकर पीने की सलाह दी गई है। सिविल अस्पताल के बाल रोग समेत मेडिसिन विभाग में मिलाकर 31 मरीज भर्ती हैं। अस्पताल निदेशक डॉ. सुभाष के मुताबिक, सात मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है।