फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सवाल-जवाब: विधानसभा में नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी बोले- यूपी में लागू है अघोषित आपातकाल

Sat, 01 Jan 2022 03:38 PM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ

सार

यूपी विधानसभा में नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी का कहना है कि प्रदेश के लोग भाजपा की नीतियों से त्रस्त हैं। वो बदलाव चाहते हैं और बदलाव होकर रहेगा।
विज्ञापन
नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सवाल: आप प्रदेशभर की यात्राएं कर रहे हैं। किस तरह का बदलाव देख रहे हैं?

विज्ञापन

जवाब:
प्रदेश ही नहीं पूरे देश में एक बार फिर से बदलाव की बयार चल रही है। जिस तरह से इमरजेंसी के बाद सत्ता के खिलाफ जनता में बगावत के स्वर सुनाई पड़ रहे थे, कुछ ऐसे ही स्वर इस बार भी सुनाई पड़ रहे हैं। मैं लगातार प्रदेशभर की यात्रा कर रहा हूं। कोई भी ऐसा जिला नहीं है, जहां भाजपा की मुखालफत नहीं हो रही हो। लोग महंगाई, बेरोजगारी, झूठे वादे से त्रस्त हैं। वे भाजपा को हटाना चाहते हैं। इस बार बदलाव होकर रहेगा। अघोषित इमरजेंसी लागू है। बोलने पर पाबंदी है। जो बोल रहा है, उसे मारा जा रहा है। किसानों ने आवाज उठाई तो उनकी जान ले ली गई।

सवाल: भाजपा कह रही है कि जनता उसके साथ है। सरकार के काम पर उसे दोबारा सत्ता मिलेगी?
जवाब: चुनाव होने दीजिए। हकीकत सामने आ जाएगी। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र को पलट कर नहीं देखा। झूठ का पुल कुछ समय तक भले चल जाए, लेकिन वह टिकाऊ नहीं होता है। भाजपा का झूठ खुल चुका है। देश की अर्थव्यवस्था खेती पर टिकी है। पर, आज किसान सिसक रहा है। कृषि उत्पादन लगातार गिर रहा है। यह भविष्य के लिए बड़ा खतरा है। जब-जब किसानों का अनादर हुआ है, नई क्रांति आई है। जीप चढ़ाकर जान से मारने को किसान नहीं भूला है और न भूलेगा। किसानों को खाद नहीं मिल रही है। बिजली की समस्या से सिंचाई प्रभावित हुई है। डीजल से जुताई का खर्च दोगुना हो गया है। ट्रैक्टर चलाना मुश्किल हो गया है। रही-सही कसर छुट्टा जानवरों ने निकाल दी है। आखिर किस मुंह से भाजपा किसानों की हितैषी होने का दावा कर रही है। अब किसी के नाम का जादू नहीं चलेगा। जनता बदलाव के मूड में है।
विज्ञापन


सवाल: रथयात्रा में उमड़ी भीड़ को अपना मान रहे हैं। भीड़ तो कभी जीत का पैमाना होती नहीं है?
जवाब: रथयात्रा में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता होते हैं। लेकिन जिस रास्ते से गुजरिए, वहां सड़क के दोनों तरफ लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। यह भीड़ नहीं बदलाव है। हमने कई गांवों में अपने लोगों को भेज कर हकीकत जानने की कोशिश की है। इस दौरान पता चला कि जो लोग अभी तक दूसरे दलों के साथ थे, वे भाजपा की गलत नीतियों की वजह से हमारे साथ आ गए हैं। पिछड़ी, अति पिछड़ी, दलित और अगड़े हर वर्ग के लोग सपा की ओर देख रहे हैं। हमारी नीतियों की तारीफ कर रहे हैं। इसलिए 2022 में प्रदेश में समाजवादी सरकार बनेगी। वर्ष 2024 में भी बदलाव दिखेगा। सभी समाजवादी ताकतें एकजुट होकर फिरकापरस्त और मौकापरस्त ताकतों को सत्ता से बेदखल करेंगी।

सवाल: साथ आईं छोटी-छोटी पार्टियाें से तालमेल बिठाने में क्या दिक्कतें नहीं आएंगी?
जवाब: कतई नहीं आएंगी। किस दल को क्या करना है, कितनी सीट पर वह चुनाव लड़ेगा, यह सभी बातें तय हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी मुद्दों पर बातचीत करने के बाद ही दलों को अपने साथ जोड़ा है। सब संतुष्ट हैं। सपा के साथ आने वाले सभी दलों का एक ही मकसद है कि किसी तरह भाजपा को सत्ता से हटाया जाए। इसमें कुछ भी सोचने की जरूरत नहीं है। इस बार इंकलाब होगा। क्योंकि जनता खुद बदलाव चाहती है।

सवाल: वर्चुअल रैलियों के लिए तकनीकी रूप से सशक्त भाजपा से कैसे मुकाबला कर पाएंगे?
जवाब: समाजवादी हथियार, हर हथियार पर भारी है। हम लोग समता, सद्भाव, विकास जैसे हथियार से भाजपा का मुकाबला करेंगे। भाजपा देश व समाज में नफरत फैलाने का काम करती है। वह धर्म व जाति के हथकंडे अपनाएगी। हम लोगों को समझा रहे हैं कि सद्भाव और समानता ही तरक्की दिला सकती है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि चुनाव आयोग का जो भी आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा। जहां तक तकनीक का सवाल है तो हमारी तकनीक भाजपा से कई गुना ज्यादा मजबूत है। हम घर-घर संदेश पहुंचा रहे हैं। हमारा काम बूथ ही नहीं, घर-घर चल रहा है। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग सभी हमारे साथ हैं।
विज्ञापन


सवाल: इस बार चुनाव लड़ेंगे या नहीं। चर्चा है कि आपके बेटे को पार्टी टिकट देगी?
जवाब: यह पार्टी नेतृत्व को तय करना है। पार्टी चाहेगी तो चुनाव लड़ेंगे। पार्टी बेटे को मैदान में उतारेगी तो उसकी मदद की जाएगी। हमारे लिए पूरा प्रदेश हमारा कार्य क्षेत्र है। जितना वक्त मिलता है और जो कर सकता हूं, उसके लिए सदन से लेकर सड़क तक हर वक्त संघर्ष करने के लिए तैयार रहता हूं। जब तक शरीर साथ दे रहा है, इसमें कोई कोताही नहीं होगी। क्योंकि हम लोगों से जयप्रकाश नारायण ने संकल्प लिया था कि न तो भ्रष्टाचार करेंगे और न ही होने देंगे। इस संकल्प को निभाने का भरसक प्रयास करता हूं। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें