बुंदेलखंड में चित्रकूट और हमीरपुर में भाजपा और सपा के पास चार चार सदस्य है, लेकिन यहां बसपा और निर्दलीय निर्णायक होंगे। निर्दलीय पुराने सपाई है, जिन्हें उज्ज्वल भविष्य का सपना दिखाकर पार्टी अपने खेमे में करने की तैयारी में है। झांसी और महोबा को लेकर सपा पूरी तरह आश्वस्त है। लेकिन बांदा को लेकर संशय है।
पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि कई जगह जीतने के बाद भी सपा के लोगों को प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है। वक्त आने पर इसका भी जवाब मिलेगा। पार्टी का प्रयास है कि समान विचारधारा वाले सदस्यों को साथ लेकर भाजपा को मात दिया जाय। ताकि जनता को न्याय और अधिकार मिल सके।
राजनीतिक विश्लेषक लखनऊ निवासी केके श्रीवास्तव कहते हैं कि पश्चिम बंगाल के बाद पंचायत चुनाव से भाजपा को निराशा मिली है। ऐसे में वह उग्र रूप अपनाने से गुरेज नहीं करेगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए भाजपा हर सांसद, विधायक को मैदान में उतारने में पीछे नहीं रहेगी। ऐसे में सपा को भी तैयार रहना होगा। पंचायत चुनाव ने यह भी संदेश दिया है कि सपा ग्रामीण स्तर पर विधानसभा चुनाव के लिए तैयार है।