समाजवादी पार्टी में राज्यसभा सदस्य उम्मीदवार के नामों को लेकर मंथन शुरू हो गया है। पार्टी तीन लोगों को राज्यसभा भेज सकती है। ऐसे में कारोबारी, पूर्व नौकरशाह और पार्टी के पुराने वफादारों को मौका मिल सकता है। दूसरे राज्य के भी कुछ चेहरे सपा के जरिए राज्यसभा पहुंचने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। तीन सदस्यों में एक महिला सदस्य के भी शामिल करने की संभावना है।
राज्यसभा की 11 सीट के लिए 24 मई से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है।। सपा अभी तीन लोगों को राज्यसभा भेजने की स्थिति में हैं। अभी तक राज्यसभा में सपा के पांच सदस्य हैं। इसमें कुंवर रेवती रमन सिंह, विशंभर प्रसाद निषाद और चौधरी सुखराम सिंह यादव का कार्यकाल 4 जुलाई को खत्म हो रहा है।
चौधरी सुखराम यादव अब भाजपा खेमे में हैं। विशंभर प्रसाद निषाद फतेहपुर की आयाह शाह विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हार चुके हैं तो कुंवर रेवती रमन सिंह के बेटे उज्जवल रमण सिंह करछना से दो बार विधायक रहे लेकिन 2022 का चुनाव हार चुके हैं। ऐसे में पार्टी नए चेहरों पर ज्यादा जोर दे रही है।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी ऐसे चेहरे को राज्यसभा में भेजने पर विचार कर रही है जो किसी न किसी रूप में पार्टी के लिए उपयोगी साबित हो। जातीय गणित का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। एक ऐसे नाम पर विचार है, जो आर्थिक मोर्चे पर मददगार साबित हो सके। इसमें राजधानी के दो कारोबारियों का नाम लिया जा रहा है, जो सपा शीर्ष नेतृत्व के खास माने जाते हैं। इसी तरह पूर्व नौकरशाह आलोक रंजन और फतेह बहादुर का नाम चर्चा में है।
कयास ये भी है कि आजम खां के परिवार अथवा उनके चहेते व्यक्ति को राज्यसभा में भेज कर मुस्लिम समुदाय के बीच संदेश दिया जा सकता है। एक महिला सदस्य के नाम पर भी विचार चल रहा है। यह महिला परिवार की सदस्य भी हो सकती हैं। इसी तरह सहयोगी दलों की संतुष्टि के लिए रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह अथवा उनकी पसंद के व्यक्ति को राज्यसभा भेजा जा सकता है, लेकिन यह तभी संभव होगा जब दूसरे दल भी हामी भरें।
दूसरे राज्यों से ये हो सकते हैं दावेदार
समाजवादी पार्टी से राज्यसभा के दावेदारों में पार्टी के उपाध्यक्ष किरनमय नंदा, तमिलनाडु के कामराज जैन, केरल के जो एंटोनी, महाराष्ट्र में सपा के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी का नाम भी लिया जा रहा है। इनके जरिए पार्टी दूसरे राज्यों में भी संगठन को खड़ा करने का प्रयास कर सकती है।