समाजवादी आवासीय योजना के लिए तय कीमत के भीतर फ्लैट बनाने को लेकर आवास विकास परिषद पशोपेश में है। ऐसे में परिषद 10 हजार फ्लैटों की इस स्कीम को लॉन्च नहीं कर पा रहा है। इस संबंध में सोमवार को परिषद के अधिकारियों की बैठक हुई।
इसमें शासन से कई रियायतों की मांग का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में रखने का निर्णय हुआ। इसमें सबसे बड़ी रियायत टॉवर की ऊंचाई बढ़ाने संबंधी होगी, ताकि कम भूमि का उपयोग कर के अधिक फ्लैटों का निर्माण किया जा सके।
साथ ही बचने वाली भूमि का व्यावसायिक इस्तेमाल कर के इन फ्लैटों के निर्माण के लिए धन जुटाया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि रियायतों की मदद से 30 लाख रुपये में जनता को बेहतरीन फ्लैट दिया जा सकेगा।
कार्यदायी संस्थाओं की तरफ से भी राजधानी में 2800 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से काम करने को लेकर ऐतराज जताया जा चुका है। परिषद की ऐसी ही एक योजना का काम इस गतिरोध के चलते शुरू नहीं हो सका।