पूरा देश उन्नाव जिले के डौडिया खेड़ा में जारी जिस खुदाई में 1 हजार टन सोना मिलने की उम्मीद में आंखें गड़ाए है वह घोर निराशा में समाप्त हो सकती है।
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) की जिस रिपोर्ट के आधार पर यह खुदाई की जा रही है उसमें भूगर्भ में ‘एनॉमलीज’ (विसंगतियां और अनियमितताएं) होने की बात कही गई है।
यह एनॉमलीज धातु हो सकती है, लेकिन इसके नमक या चूना पत्थर होने की भी संभावना है।
जीएसआई के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो यह रिपोर्ट बीते काफी समय के अध्ययनों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें डौडिया खेड़ा के खंडहर हो चुके किले व मंदिर के क्षेत्र का अध्ययन किया गया है।
सूत्र बताते हैं कि केंद्र को दी गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना में अनियमितताएं मिली हैं।
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यह आमतौर पर किसी किस्म की संरचना की वजह से पैदा होती हैं। ये संरचनाएं सोना-चांदी या कोई मूल्यवान धातु ही हो ऐसा पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता।
उन्नाव का यह क्षेत्र नदी के किनारे पर है। अक्सर लगातार पानी के बहाव के क्षेत्रों के भूगर्भ में नमक जमा होने लगता है।
हजारों वर्षों के दौरान यह खनिज में बदल जाता है और अध्ययन के दौरान अनियमित संरचनाओं के तौर पर दिखाई देता है। ऐसे में सोना मिलेगा या नमक यह तो खुदाई के बाद ही साबित होगा।
बताया जा रहा है कि यह रिपोर्ट और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से मिली रिपोर्ट के बाद ही खुदाई शुरू की गई।
हालांकि इस रिपोर्ट के संदर्भ में जीएसआई लखनऊ रीजन के किसी अधिकारी ने मामले को ‘अतिसंवेदनशील’ बताते हुए कोई भी आधिकारिक जानकारी देने से साफ तौर पर इन्कार कर दिया।
यहां के प्रभारी अधिकारी डीडीजी सत्यप्रकाश भारतीय का कहना है कि उन्हें कोलकाता मुख्यालय ने कोई भी सूचना देने से मना किया है। इसके लिए डीजी ने लिखित आदेश दिए हैं।
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