नियम-कानून ताक पर रख कर चल रहे केयर हॉस्पिटल को अब सीएमओ कार्यालय राहत देने की तैयारी कर रहा है। एक तरफ जहां अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई को जानबूझकर लंबित किया जा रहा है।
वहीं दूसरी तरफ जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अस्पताल संचालन की अनुमति के लिए केयर हॉस्पिटल को लाइसेंस दिया जाना तय हो गया है।
नर्सिंग होम एस्टेब्लिशमेंट एक्ट को ताक पर रख कर केयर हॉस्पिटल में इलाज किए जाने का मामला सीएमओ टीम को छापे में मिला।
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यहां मरीजों को बंधक बनाकर इलाज कराने की बात खुद सीएमओ ने कही। अब सीएमओ कार्यालय कार्रवाई करने की जगह संचालक के खिलाफ नरमी का रुख बनाए हुए है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल ने खुद ही अपनी जिम्मेदारी पूरी कर अस्पताल से मरीजों को हटा दिया है। इस पूरे मामले पर सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव भी कुछ खुलकर नहीं बोल रहे।
डॉ. यादव के मुताबिक, अस्पताल से जुड़े सभी कागजात सीएमओ कार्यालय पहुंच चुके हैं। उनकी बारीकी से जांच की जा रही है।
इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी। कम से कम 24 घंटे का समय अभी और लगेगा। छापेमारी करने गई टीम से विचार विमर्श के बाद कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल के संचालक डॉ. अयूब खान ने बताया कि अस्पताल में भर्ती 13 मरीजों को गुरुवार की शाम को ही रिलीव कर दिया गया था। अस्पताल से संबंधित सारे कागजात सीएमओ कार्यालय में जमा करा दिए गए हैं।
इसके अलावा सीएमओ से उनके ऊपर लगाए गए आरोप पत्र को वापस लिए जाने को कहा गया है। इसके बाद हम हॉस्पिटल के लाइसेंस का नवीनीकरण भी करा लेंगे।
मंगलवार को फैजुलागंज पुरनिया तिराहे के पास चल रहे केयर अस्पताल में अनियमितता की शिकायत के बाद सीएमओ टीम से अस्पताल को सीज करने के लिए खुद एसीएम शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा था। हालांकि ऐसा नहीं किया गया।
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