लखनऊ में वायु प्रदूषण स्तर: लखनऊ में छाई धुंध (फाइल फोटो।)
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राजधानी लखनऊ में खतरनाक स्तर तक बढ़ चुके प्रदूषण को रोकने में लापरवाही करने पर जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय अधिकारी आर के सिंह की सैलरी अगले आदेश तक के लिए रोक दी है और दो दिनों में जवाब मांगा है।
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने जारी किए गए आदेश में कहा है कि बार-बार निर्देशित किए जाने के बाद भी प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और बैठकों में लिए गए निर्णयों पर भी कुछ नहीं किया गया अत: अग्रिम आदेशों तक आपकी सैलरी रोकी जा रही है। जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय अधिकारी से दो दिनों में जवाब मांगा है।
बता दें कि दिल्ली-एनसीआर के बाद अब धुंध ने प्रदेश के कई शहरों की हवा को जहरीला बना दिया है। नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स के मुताबिक शुक्रवार को देश के सबसे प्रदूषित हवा वाले टॉप 10 शहरों में 7 यूपी के रहे। अपने औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 466 के साथ आगरा के पास स्थित फतेहाबाद देश का सबसे प्रदूषित इलाका रहा। इसके बाद मुरादाबाद, जींद और लखनऊ की हवा दमघोंटू पाई गई।
लखनऊ में शुक्रवार को औसत एक्यूआई 447 दर्ज किया गया, जो इस साल अधिकतम है। वहीं शहर के तालकटोरा इलाके में रात नौ बजे यह आंकड़ा 480 अंक पार कर गया। इसके अलावा अलीगंज, लालबाग व गोमतीनगर में भी हवा काफी दूषित पाई गई। प्रदूषण के चलते स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन महसूस हुई। राजधानी के अधिकांश हिस्सों में सुबह से ही धुंध छाई रही।