दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने दुग्ध संग्रह में अपेक्षित प्रगति न होने पर दुग्ध महासंघ गोंडा, कानपुर, मेरठ, मथुरा तथा अलीगढ़ के महाप्रबंधकों का एक माह का वेतन रोकने के निर्देश दिया है। वह सोमवार को पीसीडीएफ सभागार में दुग्ध विकास व पशुधन विकास विभाग की बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक हर हाल में सभी किसानों के दुग्ध मूल्य बकाये का शत प्रतिशत भुगतान किया जाए।
निर्धारित अवधि तक भुगतान न होने पर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने हर महीने दुग्ध समितियों के गठन की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सभी दुग्ध महासंघों के महाप्रबंधकों के साथ बैठक में कहा कि सभी महाप्रबंधक मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दें। क्योंकि बिना बेहतर मार्केटिंग के लाभ नहीं होगा, इससे पराग के उत्पादों की बिक्री प्रभावित होगी।
मंत्री ने कहा कि पशुपालकों व किसानों को दुग्ध उत्पादक की नई तकनीक आदि की जानकारी दी जाए। देशी नस्ल की गायों का संरक्षण किया जाए। बैठक में दुग्ध विकास विभाग के प्रमुख सचिव के रविंद्र नायक, पशुधन विभाग के विशेष सचिव देवेंद्र पांडेय, दुग्ध विकास विभाग के विशेष सचिव राम सहाय यादव, दुग्ध आयुक्त राकेश कुमार मिश्रा, पशुपालन निदेशालय के निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ. योगेंद्र सिंह पवार, सीईओ एलडीबी डॉ. नीरज गुप्ता, पीसीडीएफ के डॉ. मनोज तिवारी आदि मौजूद थे।