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साक्षी महाराज ने मदरसों पर फिर उगली आग!

Fri, 26 Sep 2014 11:17 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा है कि मैं आज भी अपने मदरसा वाले बयान पर कायम हूं। मुसलमानों के अच्छे बच्चे पब्लिक स्कूल जाते हैं और जो बच जाते हैं वे मदरसों में जाते हैं।
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वहां आखिर कौन सी शिक्षा दी जाती है? इसका पाठ्यक्रम व किताबें बाजार में क्यों नहीं मिलतीं? यदि मदरसों में पवित्र कुरान पढ़ाया जाता है तो हमें परहेज नहीं है लेकिन यदि हम अपने स्कूलों में गीता के दो अध्याय पढ़ा लें तो सांप्रदायिक हो जाते हैं।

साक्षी महाराज बोले कि हमने जो आरोप लगाए हैं गृह मंत्री उसकी जांच करा लें। यदि मैं गलत हूं तो मेरे खिलाफ कार्रवाई करें। यदि मदरसा गलत हैं तो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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साक्षी महाराज गुरुवार को अपने आवास पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यूपी के उपचुनाव में भाजपा की हार पर भी टिप्पणी कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

यह बयान देकर खड़ा किया विवाद

भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने बयान दिया था कि मदरसों में आतंकवाद और लव जेहाद की शिक्षा दी जाती है।

हम चाहते हैं कि मदरसों से इस्लामीकरण, लव जेहाद की बात न हो। उन्हें आधुनिक शिक्षा दी जाए ताकि मुसलमानों का भी भला हो।

उन्होंने यह भी कहा था कि मदरसों में राष्ट्रीयता की शिक्षा नहीं दी जाती है। उन्होंने सवाल किया, "क्या एक भी मदरसा ऐसा है जहां 15 अगस्त या 26 जनवरी को तिरंगा फहराया जाता हो? राष्ट्रीय गान या राष्ट्रीय गीत गाया जाता हो? मदरसों में तो हरे झंडे लहराए जाते हैं।"

साक्षी महाराज ने मदरसों को सरकारी सहायता दिए जाने पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, "हिंदुओं के स्कूलों को सरकारी सहायता नहीं मिलती। जबकि राष्ट्रीयता से सरोकार नहीं रखने वाले मदरसों को सरकारी सहायता दी जाती है।"

अमित शाह को यूपी की जानकारी नहीं

साक्षी महाराज ने कहा कि उपचुनाव में पार्टी की हार के दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी प्रदेश संगठन की होती है। इसलिए उसे हार का दायित्व लेना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का इस चुनाव से कोई लेना-देना नहीं था। जिन लोगों ने टिकट बांटे और सभी सीटें जिताने की जिम्मेदारी ली थी, उन्हें स्वयं आत्ममंथन करना चाहिए। दुर्भाग्य यह है कि हार की जिम्मदारी लेने को कोई तैयार नहीं। एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने का प्रयास हो रहा है।

एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, अमित शाह चूंकि दूसरे प्रदेश से हैं इसलिए उन्हें सही स्थानीय जानकारी नहीं दी गई। जिन्हें प्रदेश में जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं उनमें खामियां थीं। इस पर पार्टी नेतृत्व को विचार करना चाहिए। इसमें सामूहिक जिम्मेदारी किसकी थी। जो भी दोषी है उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।

यदि साक्षी महाराज दोषी हैं तो उन पर भी कार्रवाई हो। इस पर चिंतन-मनन होना ही चाहिए। इस चुनाव का लक्ष्य यही था कि किसी तरह नरेंद्र मोदी व अमित शाह की अहमियत कम की जाए।
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कांग्रेस ने मुसलमानों को सिर्फ वोटर माना

साक्षी महाराज ने कहा, कांग्रेस ही वह पार्टी है जिसने मुसलमानों को राष्ट्र की मुख्य धारा से अलग किया है। कांग्रेस ने कभी भी मुसलमानों को इनसान नहीं समझा, उन्हें केवल वोटर माना है। आजादी के बाद से आज तक तुष्टिकरण की राजनीति कांग्रेस ही करती आई है।

उधर, पीएम मोदी को खुद इतनी बड़ी बात कहनी पड़ी कि उन्हें हिन्दुस्तान के मुसलमानों पर पूरा भरोसा है कि वे आतंकियों के बहकावे में नहीं आएंगे। मोदी ने गेंद मुसलमानों के पाले में डाल दी है। अब उन्हें खरा उतर कर देशभक्ति का परिचय देना होगा।
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