इसके बाद कार्यक्रम के संयोजक महिरजध्वज उर्फ संत मुरारी दास ने जिला प्रशासन के अनुरोध पर कार्यक्रम स्थगित करते हुए सरयू घाट न जाकर नौगजी मजार पर कुरानी ख्वानी करने का निर्णय लिया।
उन्होंने संत राजूदास को निशाने पर लेते हुए कहा कि ऐसे लोग राम विरोधी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आरएसएस का कार्यक्रम नहीं था। वहीं संत राजूदास ने कहा कि सरयू में वजू करने वाले बताएं कि क्या वे मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करने देंगे।
जिलाधिकारी डॉ.अनिल पाठक ने बताया कि सरयू में वजू के कार्यक्रम पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। हमने शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की है।