अपने जीवनकाल में पीयूष ने साहित्य के सभी क्षेत्रों में प्रतिभा का लोहा मनवाया। पीयूष ने सुयोधन व तथागत (खंडकाव्य), गांधी और दलित नवजागरण, मेरा भारत महान, गांधी गांधी गांधी तथा पानी पर हिमालय (हिंदी कविता संग्रह) व अंधरे के हांथ बटेर (अवधी कविता संग्रह) की रचना की साथ ही उन्होंने 10 खंड में अवधी ग्रंथावली (लोकगीत, प्राचीन कविताएं, समकालीन कविताएं, लोक कथाएं, शब्द कोष, लोकोक्ति कोष, ऋतु गीत, विमर्श खंड, लोकनाट्य) के अलावा किस्से अवध के, अवधी साहित्य सर्वेक्षण और समीक्षा, अवधी साहित्य के सरोकार, लोक साहित्य के पितामह, बोली बानी (14 अंक अनियतकालीन पत्रिका), लोकायतन का संपादन भी किया।