उत्तर प्रदेश में सरकारी बसों के बाद सरकारी इमारतें भी भगवा रंग में रंगी नजर आएंगी। इसकी शुरुआत सीएम ऑफिस से हो चुकी है। सफेद रंग में नजर आने वाली ऐनेक्सी भवन की इमारत पर भगवा रंग चढ़ाने का काम शुरू हो गया है।
बड़ी संख्या में मजदूर लगाकर काम को तेजी से अंजाम दिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक करीब 500 लीटर केसरिया पेंट का ऑर्डर सरकार की ओर से दिया गया है।
योगी सरकार के बनते ही सरकारी कामकाज में भगवा रंग का प्रयोग तेजी से बढ़ा है। सरकारी कार्यक्रमों के पंडाल से लेकर सीएम ऑफिस में इस्तेमाल होने वाले टॉवल तक केसरिया रंग के नजर आते हैं।
कानपुर आई क्रिकेट टीम का स्वागत भी केसरिया रंग के अंग वस्त्रों से किया गया था।
सरकारों का अपने रंग से प्रदेश को रंगने की परंपरा नई नहीं है। इससे पहले की सपा और बसपा सरकारों ने भी अपने पसंदीदा रंग से प्रदेश में अपनी छाप छोड़ने की कोशिशें की हैं।
मायावती सरकार में सड़कों के डिवाइडर से लेकर बसों को नीले और सफेद रंग से रंग दिया गया, तो सपा ने उन्हें समाजवादी रंग में रंग दिया। लेकिन इन दोनों से एक कदम आगे बढ़ते हुए योगी सरकार ने सरकारी इमारतों को भी रंगने की परंपरा शुरू कर दी है।
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इमारत के रंग-रोगन का काम जारी है।
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धीरे-धीरे पूरी इमारत भगवा रंग में रंग जाएगी।
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यूपी सरकार द्वारा शुरू की गई संकल्प बस सेवा में वाहनों का रंग भी भगवा है।