अनस सिद्दीकी व तन्वी सेठ पासपोर्ट जारी होने के बाद।
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तन्वी सेठ और उनके पति अनस सिद्दीकी को पासपोर्ट जारी करने में नरमी दिखाने के बाद विदेश मंत्रालय ने फिर तेवर कड़े कर लिए हैं। पासपोर्ट जारी करने में पुलिस सत्यापन रिपोर्ट को फिर अहम बना दिया गया है। नए निर्देशों के अनुसार पुलिस जांच के वक्त आवेदक को अपने पते पर मौजूद रहना अनिवार्य होगा।
विदेश मंत्रालय के इस कदम ने आवेदकों को चकरघिन्नी बना दिया है। 29 जून को जारी निर्देशों में विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि आवेदक को अपने सभी दस्तावेज यानी शैक्षणिक व पहचान प्रमाण पत्र समेत अन्य प्रमाण पत्रों की फोटोकॉपी देनी होगी।
इस निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पासपोर्ट के सत्यापन के लिए पुलिस जब पहुंचेगी तो आवेदक को अपने पते पर मौजूद रहना होगा। अगर आवेदक अपने वर्तमान पते पर नहीं मिलेगा तो आवेदन प्रक्रिया रोक दी जाएगी।
सोमवार को यहां क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में जो लोग आवेदन के लिए पहुंचे, उन्हें इस बाबत ताकीद भी की गई। इस नए निर्देश के अनुसार ही अब आवेदन पत्र स्वीकृत किए जाएंगे जबकि तन्वी व अनस के मामले में मंत्रालय व विभाग का तर्क था कि पुलिस सत्यापन में केवल आवेदक की नागरिकता व आपराधिक इतिहास की जांच की जाती है।
इसी आधार पर तन्वी और अनस को पासपोर्ट जारी किया गया। दोनों ने लखनऊ का पता दिया था जबकि उनका मौजूदा निवास नोएडा है। तब क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने नियम बदल जाने की सूचना दी थी लेकिन एक बार फिर पुराने नियम लागू कर दिए गए हैं।