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मलिहाबाद बवाल में एसपी नपे, इंस्पेक्टर निलंबित, आरोपियों पर लगेगा रासुका

Sun, 13 Sep 2020 02:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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रामबिलास (फाइल फोटो), युवक की मौत के बाद लखनऊ-हरदोई राजमार्ग जाम करते लोग - फोटो : amar ujala
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मलिहाबाद में मामूली झगड़े में युवक की मौत के बाद हुए उपद्रव से नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार दोपहर एसपी आदित्य लंगहे को हटा दिया। उनकी जगह सीबीसीआईडी के पुलिस अधीक्षक ह्रदयेश कुमार को लखनऊ ग्रामीण के एसपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीएम ने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून तामील कराने तथा लापरवाह पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। 
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उधर, शुक्रवार देर रात उपद्रव और पथराव की घटना रोकने में नाकाम मलिहाबाद के इंस्पेक्टर सियाराम वर्मा को आईजी लखनऊ रेंज लक्ष्मी सिंह ने निलंबित कर दिया। उन्होंने पूरे मामले की जांच क्षेत्राधिकारी नईमुल हसन को सौंपी है।

इससे पहले युवक की मौत की घटना में मृतक की पत्नी सुमन देवी के बैंक खाते में शासन की ओर से तात्कालिक तौर पर पांच लाख  की राहत धन राशि हस्तांतरित की गई है। साथ ही पात्रता के अनुसार उन्हें ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत आवास के साथ ही सुमन देवी को विधवा पेंशन एवं मृतक के पिता को वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत की जा रही है।
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यह जानकारी डीएम अभिषेक प्रकाश ने दी। उन्होंने बताया कि घटना की विवेचना पुलिस उपाधीक्षक द्वारा की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एन एस ए) की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. वह शनिवार को मलिहाबाद के दिलावर नगर में मृत्तक के घर भी पहुँचे।

मामूली विवाद में हुई युवक की मौत की घटना से सीएम योगी सख्त हो गए हैं, लापरवाही के आरोप में इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है। अपराधियों पर एनएसए लगाने के निर्देश दिए हैं। पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के भी आदेश दिए गए हैं। 

शुक्रवार को युवक की मौत पर हुए उपद्रव के मामले में कोतवाल सियाराम को आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह ने सस्पेंड कर दिया है। नामजद 5 आरोपियों पर रासुका लगाने के निर्देश दिए हैं। तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं और दो फरार हैं। 


मालूम हो मलिहाबाद के दिलावरनगर गांव में गुरुवार रात मामूली विवाद में युवक की मौत से आक्रोशित सैकड़ों लोग शुक्रवार सुबह सड़क पर उतर आए। उन्होंने लखनऊ-हरदोई राजमार्ग पर बांस-बल्लियां लगाकर सड़क जाम कर दी और पकड़े गए तीन आरोपियों को मौके पर लाने की मांग की। अधिकारियों ने इनकार किया तो लोग प्रदर्शन, हंगामा करने लगे।

जाम खुलवाने का प्रयास करने पर लोगों ने पथराव कर पुलिसकर्मियों को खदेड़ दिया। इसमें कई पुलिसवाले घायल हो गए। वहीं, हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ कई राउंड हवाई फायरिंग की, जिससे भगदड़ मच गई। इस दौरान दुकान पर बैठा एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि उसे पुलिस की गोली लगी है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।

करीब तीन घंटे चला बवाल

उपद्रव की सूचना पर आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह समेत कई थानों की फोर्स पहुंच गई। करीब तीन घंटे तक बवाल से राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। एसपी ग्रामीण आदित्य लंगहे ने बताया कि 27 वर्षीय रामबिलास की मौत के मामले में गुलाम अली, मुफीद, शानू, मुस्तकीम और गुड्डू के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, बलवा, मारपीट, गाली-गलौज और धमकाने का केस दर्ज करके तीन को गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार दोपहर चार बजे पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गांव को निकले।

उधर, सैकड़ों लोग लखनऊ-हरदोई राजमार्ग स्थित भतोइया गांव के पास पहुंचे और जाम लगाकर हंगामा करने लगे।तनाव की आशंका से पुलिस ने परिजन को मलिहाबाद चौराहे पर रोक लिया। इसकी जानकारी मिलते ही भतोइया पर लोग उग्र हो गए। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो हाथापाई पर उतारू हो गए।

लोग तीनों आरोपियों को मौके पर लाने की मांग कर रहे थे। एडीएम प्रशासन अमरपाल सिंह ने मना किया तो धक्का-मुक्की और फिर पथराव शुरू कर दिया। साथ ही लोगों ने पुलिसकर्मियों को खदेड़ दिया। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को पकड़कर मारपीट भी की। 

हत्या की धाराओं में केस दर्ज करने, 10 लाख मुआवजे की मांग

जवाब में पुलिस ने लाठियां फटकारीं, लेकिन भीड़ पीछे न हटी तो हवाई फायरिंग व आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उपद्रव, फायरिंग और पथराव की जानकारी पर आईजी लखनऊ रेंज लक्ष्मी सिंह मौके पर पहुंचीं। आसपास के जनपदों से कई थानों की फोर्स बुला ली गई। आईजी ने किसी तरह लोगों को बातचीत कर शांत कराया।

तीन घंटे उपद्रव के बाद शाम लगभग सात बजे लोग राजमार्ग से हटे, तब जाकर यातायात सामान्य हुआ। उधर, उपद्रव के दौरान भतोइया गांव का पप्पू संदिग्ध हालात में घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि उसे पुलिस की गोली लगी है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।

रामबिलास की मौत के मामले में हत्या के बजाए गैर इरादतन हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। परिवारीजनों का कहना था कि पुलिस ने जानबूझकर हत्या का केस नहीं लिखकर आरोपियों को बचाने का प्रयास किया। परिजनों ने हत्या की धारा में केस दर्ज करने, दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने व 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की।
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यह थी घटना

दिलावरनगर निवासी पंचम का बेटा रामबिलास गुरुवार शाम रबर की पाइप से सड़क पार खेतों में पानी लगा रहा था। तभी उधर से दो बाइक से गांव के ही पांच युवक गुजरे। रामबिलास ने पाइप पर बाइक चढ़ाने से रोका तो वे भिड़ गए। दोनों में विवाद शुरू हो गया।

मारपीट में रामबिलास को काफी चोटें आईं और उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना था कि पांचों युवक ने उसे बाइक से कुचलकर मार डाला। इसे लेकर गांव में आक्रोश फैल गया और दो समुदाय आमने-सामने आ गए थे। रातभर हंगामा चला। मृतक रामबिलास के परिवार में पत्नी सुमन और चार बच्चे हैं।

सांसद ने की न्यायिक जांच की मांग  
स्थानीय लोगों ने सांसद कौशल किशोर को पुलिस की ओर से फायरिंग की सूचना दी। उन्होंने इसकी निंदा की।  कहा कि मलिहाबाद पुलिस हत्या को हादसा बताने की कोशिश करती रही, जिससे लोग भड़क उठे। घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए। यह भी कहा कि मलिहाबाद में कानून व्यवस्था ध्वस्त है।

एक पुलिस अफसर की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाया। सांसद ने रामबिलास के परिजन को 10 लाख रुपये मुआवजा दिलाने का आश्वासन देते हुए कहा कि कोरोना के चलते वह अस्पताल में हैं। डिस्चार्ज होते ही पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी मदद दिलाने की बात कही। 
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