उपद्रव की सूचना पर आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह समेत कई थानों की फोर्स पहुंच गई। करीब तीन घंटे तक बवाल से राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। एसपी ग्रामीण आदित्य लंगहे ने बताया कि 27 वर्षीय रामबिलास की मौत के मामले में गुलाम अली, मुफीद, शानू, मुस्तकीम और गुड्डू के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, बलवा, मारपीट, गाली-गलौज और धमकाने का केस दर्ज करके तीन को गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार दोपहर चार बजे पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गांव को निकले।
उधर, सैकड़ों लोग लखनऊ-हरदोई राजमार्ग स्थित भतोइया गांव के पास पहुंचे और जाम लगाकर हंगामा करने लगे।तनाव की आशंका से पुलिस ने परिजन को मलिहाबाद चौराहे पर रोक लिया। इसकी जानकारी मिलते ही भतोइया पर लोग उग्र हो गए। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो हाथापाई पर उतारू हो गए।
लोग तीनों आरोपियों को मौके पर लाने की मांग कर रहे थे। एडीएम प्रशासन अमरपाल सिंह ने मना किया तो धक्का-मुक्की और फिर पथराव शुरू कर दिया। साथ ही लोगों ने पुलिसकर्मियों को खदेड़ दिया। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को पकड़कर मारपीट भी की।
जवाब में पुलिस ने लाठियां फटकारीं, लेकिन भीड़ पीछे न हटी तो हवाई फायरिंग व आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उपद्रव, फायरिंग और पथराव की जानकारी पर आईजी लखनऊ रेंज लक्ष्मी सिंह मौके पर पहुंचीं। आसपास के जनपदों से कई थानों की फोर्स बुला ली गई। आईजी ने किसी तरह लोगों को बातचीत कर शांत कराया।
तीन घंटे उपद्रव के बाद शाम लगभग सात बजे लोग राजमार्ग से हटे, तब जाकर यातायात सामान्य हुआ। उधर, उपद्रव के दौरान भतोइया गांव का पप्पू संदिग्ध हालात में घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि उसे पुलिस की गोली लगी है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
रामबिलास की मौत के मामले में हत्या के बजाए गैर इरादतन हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। परिवारीजनों का कहना था कि पुलिस ने जानबूझकर हत्या का केस नहीं लिखकर आरोपियों को बचाने का प्रयास किया। परिजनों ने हत्या की धारा में केस दर्ज करने, दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने व 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की।
दिलावरनगर निवासी पंचम का बेटा रामबिलास गुरुवार शाम रबर की पाइप से सड़क पार खेतों में पानी लगा रहा था। तभी उधर से दो बाइक से गांव के ही पांच युवक गुजरे। रामबिलास ने पाइप पर बाइक चढ़ाने से रोका तो वे भिड़ गए। दोनों में विवाद शुरू हो गया।
मारपीट में रामबिलास को काफी चोटें आईं और उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना था कि पांचों युवक ने उसे बाइक से कुचलकर मार डाला। इसे लेकर गांव में आक्रोश फैल गया और दो समुदाय आमने-सामने आ गए थे। रातभर हंगामा चला। मृतक रामबिलास के परिवार में पत्नी सुमन और चार बच्चे हैं।
सांसद ने की न्यायिक जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने सांसद कौशल किशोर को पुलिस की ओर से फायरिंग की सूचना दी। उन्होंने इसकी निंदा की। कहा कि मलिहाबाद पुलिस हत्या को हादसा बताने की कोशिश करती रही, जिससे लोग भड़क उठे। घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए। यह भी कहा कि मलिहाबाद में कानून व्यवस्था ध्वस्त है।
एक पुलिस अफसर की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाया। सांसद ने रामबिलास के परिजन को 10 लाख रुपये मुआवजा दिलाने का आश्वासन देते हुए कहा कि कोरोना के चलते वह अस्पताल में हैं। डिस्चार्ज होते ही पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी मदद दिलाने की बात कही।