वेल में हंगामा करते सपा, बसपा व कांग्रेस नेता।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा में भारी हंगामे के बीच 34833.24 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया गया। विधान परिषद में नेता सदन दिनेश शर्मा ने अनुपूरक बजट पेश किया। इस दौरान सपा, बसपा व कांग्रेस के नेताओं ने प्रदेश में खराब कानून-व्यवस्था और देवरिया कांड पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफा देने की मांग की। विपक्ष के नेता नारेबाजी करते हुए वेल में आकर बैठ गए। जिससे सभापति रमेश यादव को प्रश्नकाल स्थगित करना पड़ा।
सदन की कार्यवाही सोमवार को सुबह 11 बजे जैसे ही शुरू हुई समाजवादी पार्टी सहित समूचे विपक्ष ने कानून व्यवस्था और देवरिया कांड के मुद्दे पर हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे के बीच परिषद की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित की गई। लेकिन सपा सदस्य वेल में ही बैठ गए। साढ़े 11 बजे स्थगन का समय 12 बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया। सपा के सदस्य वेल में डटे रहे जिसके बाद फिर 15 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
12 बजकर 18 मिनट पर जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो भी विपक्षी दल के नेता वेल में आकर सरकार विरोधी नारेबाजी करते रहे। इस बीच सभापति ने कार्यवाही जारी रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अनुपूरक बजट पेश करने को कहा। हंगामे के बीच अनुपूरक बजट पेश होने और जरूरी काम निपटाने के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
परिषद में छाया रहा देवरिया कांड
सुबह जैसे ही सभापति आसन पर पहुंचे सपा नेता आनंद भदौरिया, सुनील साजन, राजपाल कश्यप समेत लगभग सभी सदस्य वेल में आ गए और हंगामा शुरू कर दिया। कुछ ही देर में कांग्रेस के दीपक सिंह और बसपा नेता भी वेल में आ गए और सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। नारेबाजी कर रहे विपक्षी नेता देवरिया कांड के दोषियों को सजा दिलाने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।