यूपी के कानपुर शहर के दर्शनपुरवा इलाके में शुक्रवार देर रात मुहर्रम जुलूस के दौरान दूसरे धर्म के बैनर फाड़ने से उठे विवाद ने शनिवार को उग्र रूप ले लिया। सुबह से ही इलाकाई जनता और हिन्दू संगठनों के लोग कालपी रोड पर उतर आए। पहले पुलिस से संघर्ष हुआ और फिर दूसरे समुदाय के लोगों से फायरिंग-पथराव हुई।
भन्नानापुरवा में हुई फायरिंग में बादशाहीनाका इंस्पेक्टर द्रविड़ कुमार और पुलिस लाइन के आरआई को गोली लगी। जरीब चौकी क्रासिंग, डिप्टी पड़ाव और भन्नानापुरवा चौराहे पर दूसरे समुदाय के लोग भी सड़कों पर उतर आए। पथराव और फायरिंग हुई। आईजी और एसपी दर्शनपुरवा पहुंचे तो उनसे धक्का-मुक्की की गई।
पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो भीड़ ने फिर पथराव किया। डीएम, एसएसपी पहुंचे तो उन पर भी पथराव किया। हर गली से निकलकर भीड़ कालपी रोड पर आने लगी और पथराव करती रही। पुलिस ने लाठीचार्ज, फायरिंग, रबर बुलेट और आंसू गैस के गोले चलाए।
बवाल भन्नाना पुरवा से होकर चमनगंज तक पहुंच गया। चंद्रिका देवी चौराहे पर भी दोनों समुदायों के लोगों के बीच पथराव हुआ। आगजनी भी की गई। देर रात पुलिस, पीएसी, सीआईएसएफ, स्वाट टीम उपद्रवियों पर काबू पा सकीं। रात में शहर में दंगा नियंत्रण स्कीम और धारा 144 लागू कर दी गई।
पुलिस ने फायरिंग से इन्कार किया है। दूसरी ओर यशोदानगर में कुछ लोगों ने मुहर्रम जुलूस रोकने के लिए सड़क पर पेड़ काट डाल दिया और नारेबाजी की। फोर्स ने पहुंच जुलूस निकलवाया।
देर रात बवाल के मामले में चमनगंज, नौबस्ता, फजलगंज और सीसामऊ थाने में पुलिस की ओर से एफआईआर हुई है। इसमें कुछ लोग नामजद और सैकड़ों अज्ञात शामिल हैं। इन पर हत्या का प्रयास, पथराव, बलवा और दहशत फैलाने की धारा लगाई गई है। एसएसपी का कहना है कि आरोपियों पर रासुका के तहत कार्रवाई होगी।